लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सावन के आखिरी सोमवार के मौके पर लक्ष्मण टीले पर जलाभिषेक करने पहुंची अखंड आर्यावर्त आर्य त्रिदंडी महासभा को पुलिस ने रोक दिया। महासभा के सदस्य बिठूर से गंगाजल लेकर लखनऊ पहुंचे थे और लक्ष्मण टीले पर जल चढ़ाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें सड़क पर निकलने की अनुमति नहीं दी।कानून-व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने महासभा के कार्यालय और टीले वाली मस्जिद के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी। पुलिस की कार्रवाई के बाद महासभा के सदस्यों ने कहा कि उन्हें आज जलाभिषेक करने से रोक दिया गया है, लेकिन वे आगे भी जलाभिषेक करने का प्रयास करेंगे।
लक्ष्मण टीले को लेकर क्या है विवाद?
लक्ष्मण टीले पर फिलहाल टीले वाली मस्जिद स्थित है। हिंदू पक्ष का दावा है कि यह स्थान प्राचीन लक्ष्मण टीला है और यहां तिलेश्वर महादेव समेत अन्य मंदिर मौजूद थे। हिंदू पक्ष का आरोप है कि मुगल शासक औरंगजेब के दौर में मंदिर को तोड़कर यहां मस्जिद का निर्माण कराया गया। हिंदू पक्ष लंबे समय से इस स्थान पर पूजा-अर्चना का अधिकार मांग रहा है। फरवरी 2024 में भी इस मामले को लेकर लखनऊ की जिला अदालत में याचिका दाखिल की गई थी। हिंदू पक्ष ने बिना रोक-टोक पूजा करने की अनुमति देने की मांग की थी। फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है।
जलाभिषेक रोकने की वजह
लक्ष्मण टीला विवादित स्थल होने के कारण पुलिस को आशंका थी कि जलाभिषेक के दौरान दोनों पक्षों के बीच तनाव पैदा हो सकता है और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। इसी वजह से पुलिस ने महासभा के लोगों को मौके तक पहुंचने से रोक दिया। उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों में लक्ष्मण टीला के अलावा वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह का मामला भी अदालतों में चल रहा है। इन मामलों में हिंदू और मुस्लिम पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए गए हैं और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।