अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 2 सितंबर को हुई अहम बैठक में रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया। भारतीय वायुसेना में वरिष्ठ पदों पर सेवाएं दे चुके जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के बाद इस पर सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने उनकी नियुक्ति को लेकर केंद्र और बीजेपी सरकार पर सवाल उठाए हैं।
राशिद अल्वी ने जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के कई फैसलों से लोगों के मन में सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सेवानिवृत्त अधिकारियों और संवैधानिक पदों पर रहे लोगों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जा रही हैं, उससे संदेह पैदा होता है। कांग्रेस नेता ने जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को ऑपरेशन सिंदूर से जोड़ते हुए भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि ऑपरेशन सिंदूर में कोई सच तो नहीं छिपा है, जिस वजह से उन्हें यहां CEO बनाया गया है।” अल्वी ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियां देश के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं।उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे को भी उठाया। राशिद अल्वी ने कहा कि मंदिर परिसर से जुड़े मामलों में जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर अभी भी सवाल बने हुए हैं।
ऑपरेशन सिंदूर में निभाई थी अहम जिम्मेदारी
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही थी। उन्हें सैन्य सेवा के दौरान विभिन्न सम्मान भी मिल चुके हैं। 2013 में उन्हें विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी भूमिका के लिए स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक और अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किए जाने की जानकारी सामने आई थी। जितेंद्र मिश्रा 30 अप्रैल 2026 को एयर मार्शल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। अब उन्हें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का पहला CEO बनाए जाने के बाद ट्रस्ट के प्रशासनिक और प्रबंधन से जुड़े कामकाज में उनकी भूमिका अहम होगी।
इमरान मसूद ने भी साधा बीजेपी पर निशाना
जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के अलावा कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी बीजेपी को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में बीजेपी को हराना है और इसके लिए पार्टी को जल्द से जल्द जमीनी स्तर पर अपनी रणनीति तैयार करनी चाहिए। इमरान मसूद ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में देश में एक माहौल तैयार हुआ है और अब पार्टी को इसे राजनीतिक लड़ाई में बदलने की जरूरत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और पार्टी नेतृत्व से मैदान में उतरने तथा स्पष्ट रोडमैप के साथ आगे बढ़ने की बात कही। मसूद ने यह भी कहा कि बीजेपी को हराना आसान नहीं है और कांग्रेस को इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति बनानी होगी। उन्होंने पार्टी से अपील की कि वह बीजेपी से पीछे न रहे और चुनावी तैयारियों को जल्द गति दे।