हाजीपुर: बिहार के हाजीपुर में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिलाध्यक्ष और हिंदू पुत्र संगठन के संरक्षक राजीव ब्राह्मर्षि के घर पर बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग कर दी। घटना सदर थाना क्षेत्र के अदलपुर स्थित वार्ड नंबर 6 की बताई जा रही है। गोलीबारी की इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि फायरिंग में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने शनिवार रात करीब 9:19 बजे राजीव ब्राह्मर्षि के घर को निशाना बनाया। बाइक से पहुंचे हमलावरों ने घर के बाहर से कई राउंड फायरिंग की। गोलीबारी के निशान घर के मुख्य दरवाजे, खिड़की और बेडरूम में मिले हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए।
मौके से मिले 10 खोखे, CCTV में कैद हुई वारदात
घटना की सूचना मिलते ही सदर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से 10 खोखे बरामद किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शुभांक मिश्रा ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में एक बाइक पर दो या तीन लोगों के सवार होने की बात सामने आई है। फुटेज के आधार पर पुलिस हमलावरों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
FSL और टेक्निकल टीम ने शुरू की जांच
पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर FSL और टेक्निकल टीम को भी जांच में लगाया गया है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर फायरिंग में इस्तेमाल हथियार और हमलावरों से जुड़ी जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।पुलिस आसपास के इलाकों में भी छापेमारी कर रही है और CCTV फुटेज के जरिए बदमाशों के भागने की दिशा का पता लगाया जा रहा है।
फायरिंग की वजह अभी स्पष्ट नहीं
पुलिस का कहना है कि फिलहाल हमले के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। राजीव ब्राह्मर्षि से किसी पुरानी रंजिश या जमीन विवाद को लेकर भी जानकारी ली गई, लेकिन उन्होंने ऐसी किसी बात की जानकारी होने से इनकार किया है। पुलिस के मुताबिक, मारुति मंदिर को लेकर एक छोटे विवाद की जानकारी जरूर मिली है, लेकिन शुरुआती जांच में ऐसा नहीं लगता कि यह विवाद इतनी बड़ी वारदात की वजह रहा होगा। हालांकि, पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है। राजीव ब्राह्मर्षि स्थानीय स्तर पर धार्मिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। बताया जाता है कि वह स्थानीय लोगों के सहयोग से मंदिर निर्माण और अन्य धार्मिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।फिलहाल पुलिस का पूरा फोकस हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी पर है।