फतेहपुर: दिल्ली से बिहार जा रही सीमांचल एक्सप्रेस में एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है। ट्रेन के S-1 कोच में माता-पिता के साथ सफर कर रहा 9 महीने का मासूम कथित तौर पर चलती ट्रेन की खुली इमरजेंसी खिड़की से नीचे गिर गया। घटना के बाद रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया। शनिवार दोपहर फतेहपुर के फैजुल्लापुर रेलवे स्टेशन के पास बच्चे का शव बरामद किया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
मां के पास सो रहा था मासूम
पुलिस के अनुसार, बेगूसराय के सलोनी गांव निवासी मोहन अपनी पत्नी काजल और 9 महीने के बेटे कनिष्क के साथ सीमांचल एक्सप्रेस से दिल्ली से बिहार लौट रहे थे। परिवार ट्रेन के S-1 कोच में सीट नंबर 61 और 64 पर सफर कर रहा था। बताया गया कि कानपुर सेंट्रल से ट्रेन के रवाना होने के बाद रात करीब 3:15 बजे काजल ने अपनी सास से फोन पर बात की। इसके बाद वह बच्चे को अपने पास लेकर मिडिल सीट पर सो गईं। इसी दौरान मोहन कुछ देर के लिए सीट से उठकर ट्रेन के गेट की तरफ चले गए।
वापस लौटे तो गायब था बच्चा
पुलिस के मुताबिक, करीब 4:17 बजे मोहन जब वापस अपनी सीट पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उनकी पत्नी सो रही थीं, लेकिन बच्चा वहां मौजूद नहीं था। काजल को जगाकर पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि कनिष्क उनके पास ही सो रहा था। इसके बाद परिवार ने सीट के सामने की ओर देखा तो वहां मौजूद इमरजेंसी खिड़की खुली मिली। परिजनों ने आशंका जताई कि नींद में बच्चा खिसककर खुली खिड़की के रास्ते ट्रेन से नीचे गिर गया।
कानपुर से प्रयागराज तक चला सर्च ऑपरेशन
घटना का पता चलते ही परिजनों ने प्रयागराज जीआरपी को सूचना दी। इसके बाद दंपति प्रयागराज स्टेशन पर उतर गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर जीआरपी, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें बनाई गईं। कानपुर से प्रयागराज के बीच रेलवे ट्रैक और उसके आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस टीमों ने संभावित स्थानों पर बच्चे की तलाश की।
फैजुल्लापुर के पास मिला शव
शनिवार दोपहर तलाशी अभियान के दौरान फतेहपुर के फैजुल्लापुर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक किनारे मासूम कनिष्क का शव बरामद हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। हादसे की सूचना के बाद से माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।