आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मंगलवार शाम एक घर में हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में आरोपी अरविंद सिंह पर अपनी पत्नी और पूजा कराने आए दो पुजारियों की हत्या का आरोप है। वारदात के बाद आरोपी अपने बच्चों के साथ घर के अंदर एक कमरे में चला गया और पुलिस को करीब सात घंटे तक उसे बाहर निकालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। बाद में पुलिस कार्रवाई में आरोपी की भी मौत हो गई।
पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद
पुलिस और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, अरविंद के घर में धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था। इसी दौरान वह घर पहुंचा और वहां मौजूद पुजारियों से सवाल-जवाब करने लगा। आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद बढ़ने की बात सामने आई है। इसी दौरान मामला हिंसा में बदल गया। घटना में अरविंद की पत्नी बबीता सिंह और पूजा करा रहे दो पुजारियों की मौत हो गई। मृतकों में पंडित महेंद्र पाठक और पंडित अखिलेश मिश्रा के नाम सामने आए हैं।
वारदात के बाद बच्चों के साथ कमरे में बंद हुआ आरोपी
तीन लोगों की मौत के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी अपने बच्चों के साथ घर के एक कमरे में चला गया। पुलिस ने पूरे घर को घेर लिया और बच्चों की सुरक्षित रिहाई के लिए आरोपी से लगातार बातचीत की। अधिकारियों ने उसे आत्मसमर्पण करने और बच्चों को सुरक्षित बाहर भेजने के लिए समझाने की कोशिश की। करीब सात घंटे तक बातचीत और समझाइश का दौर चलता रहा।
बच्चे की मौत के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान कमरे के भीतर से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। बाद में सामने आया कि आरोपी के एक बेटे की भी मौत हो गई। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घर में प्रवेश किया। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने टीम पर भी फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई हुई। इसमें अरविंद घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
करीब आठ घंटे चला पूरा ऑपरेशन
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। बच्चों को सुरक्षित निकालना पुलिस की प्राथमिकता रही। करीब सात से आठ घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद बंधक संकट खत्म हुआ। पुलिस ने मौके से हथियार भी बरामद किए हैं और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुराने पारिवारिक विवाद की भी जांच
जांच में परिवार से जुड़े पुराने विवाद और घटनाओं की कड़ियों को भी खंगाला जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, परिवार में पहले भी एक सदस्य की हत्या हो चुकी थी और उसी से जुड़ी धार्मिक पूजा का आयोजन घर में किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, घटना के पीछे की पूरी वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से मिले साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य जांच के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।