गुवाहाटी: असम के गुवाहाटी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के को-कन्वीनर और मुख्य प्रवक्ता आशुतोष रांका को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। रविवार, 27 सितंबर को पार्टी की पहली क्षेत्रीय वॉलंटियर्स मीटिंग से पहले यह कार्रवाई की गई। CJP का दावा है कि रांका के साथ पार्टी के कई कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों को भी हिरासत में लिया गया है। संगठन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को निशाने पर लिया है।
बैठक शुरू होने से पहले हिरासत में लिए गए रांका
CJP ने गुवाहाटी में अपनी पहली क्षेत्रीय वॉलंटियर्स मीटिंग आयोजित करने की तैयारी की थी। इसमें पार्टी के नेताओं और स्वयंसेवकों के शामिल होने की बात कही गई थी। हालांकि, संगठन के मुताबिक, कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही पुलिस ने आशुतोष रांका और कई अन्य लोगों को हिरासत में ले लिया। CJP का आरोप है कि पुलिस ने बैठक स्थल तक पहुंचने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की और कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे लोगों को भी रोका। पार्टी ने यह भी दावा किया कि हिरासत में लिए गए लोगों से मिलने के लिए पहुंचे वकीलों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है।
‘हिमंत सरमा इतना डर क्यों रहे हैं?’
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने लिखा, ‘हिमंत, इतना डर क्यों रहे हैं?’ दिपके के मुताबिक, पुलिस आशुतोष रांका और पार्टी की टीम को हिरासत में लेकर किसी अज्ञात स्थान पर ले गई। वहीं, हिरासत में लिए जाने से पहले आशुतोष रांका ने असम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि राज्य के सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति देश के सामने आए। रांका ने काजीरंगा क्षेत्र में लोगों के अधिकारों, जमीन, जंगल और पानी से जुड़े मुद्दे भी उठाए। उनका आरोप है कि इन संसाधनों को कॉरपोरेट कंपनियों के हवाले किया जा रहा है। ये आरोप CJP की ओर से लगाए गए हैं।
सरकारी स्कूलों और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठाने की तैयारी
आशुतोष रांका शनिवार से असम में थे। CJP की योजना राज्य के सरकारी स्कूलों का दौरा कर वहां की सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेने की थी। संगठन ने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण से प्रभावित परिवारों से मिलने की बात भी कही थी। पार्टी का आरोप है कि वह राज्य में शिक्षा व्यवस्था और जमीन से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाना चाहती थी, लेकिन प्रशासन ने उसकी बैठक को रोकने की कोशिश की। हिरासत की कार्रवाई के बाद CJP ने विरोध जारी रखने और दिल्ली में फिर से विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है।
कार्रवाई पर विवाद, पुलिस के पक्ष का इंतजार
गुवाहाटी में हुई इस कार्रवाई के बाद CJP और असम पुलिस के बीच टकराव का मुद्दा सामने आया है। फिलहाल हिरासत में लिए गए सभी लोगों की संख्या, उन्हें कहां रखा गया है और पुलिस ने किस आधार पर कार्रवाई की—इन सवालों पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद आगे की जानकारी साफ हो सकेगी।
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