मानसा (पंजाब): पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सियासत तेज हो गई है। मृतक के पिता भीम झोटा ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की हत्या में मानसा के विधायक विजय सिंगला के समर्थन प्राप्त कथित ड्रग तस्करों का हाथ है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने पंजाब में नशे के कारोबार और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
कौन थे परविंदर झोटा?
परविंदर सिंह झोटा की उम्र करीब 40 साल बताई जा रही है। वह पंजाब में नशीले पदार्थों के खिलाफ खुलकर आवाज उठाते थे और कथित तौर पर नशे के कारोबार में शामिल लोगों का विरोध करते थे। उनके परिवार में पत्नी, दो छोटे बेटे और माता-पिता हैं। परविंदर की हत्या से परिवार में मातम पसरा हुआ है। वहीं, इस घटना ने नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
केमिस्ट की दुकान पर विवाद के बाद चली गोली
मिली जानकारी के मुताबिक, परविंदर झोटा एक केमिस्ट की दुकान पर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने दुकान के मालिक से उस व्यक्ति के बारे में पूछताछ की, जिसने कथित तौर पर सुबह वहां से नशीले पदार्थ खरीदे थे।
इसी बात को लेकर परविंदर और दुकान पर मौजूद लोगों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि इसी दौरान वहां मौजूद एक व्यक्ति ने उन पर नजदीक से गोली चला दी। गोली लगने से परविंदर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के दौरान कुछ अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
वारदात के बाद आरोपी के दुकान से फरार होने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि गोलीबारी की घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। हालांकि, घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पिता ने विधायक विजय सिंगला के समर्थकों पर लगाए आरोप
परविंदर झोटा के पिता भीम झोटा ने बेटे की हत्या को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि इस वारदात के पीछे मानसा के विधायक विजय सिंगला के समर्थन प्राप्त कथित ड्रग पेडलर्स का हाथ है। इन आरोपों के सामने आने के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। हालांकि, आरोपों के संबंध में संबंधित पक्षों का आधिकारिक जवाब और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। किसी भी व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर ही की जा सकती है।
भाजपा नेता आरपी सिंह ने पंजाब सरकार को घेरा
भाजपा नेता आरपी सिंह ने परविंदर झोटा की हत्या को लेकर पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार पंजाब को नशामुक्त बनाने और नशे के खिलाफ अभियान चलाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता की हत्या हो जाती है। आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य में ड्रग माफिया का प्रभाव बढ़ रहा है और कानून-व्यवस्था कमजोर पड़ गई है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं लोगों के मन से कानून का डर खत्म होने का संकेत देती हैं।
अकाली दल ने भी उठाए सवाल
शिरोमणि अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने भी इस घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मानसा में परविंदर झोटा की हत्या ने सभी को झकझोर दिया है। उनके मुताबिक, परविंदर नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाते थे और कथित तौर पर नशे के कारोबार में शामिल लोगों को बेनकाब करने की कोशिश करते थे। चीमा ने दावा किया कि परविंदर को पहले भी पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। उन्होंने केमिस्ट की दुकान पर हुए विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह से गोली मारकर आरोपी फरार हुआ, वह कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हत्या के बाद पंजाब की सियासत गरमाई
परविंदर झोटा की हत्या के बाद पंजाब में नशे के कारोबार और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार से जवाब मांगा है, जबकि मामले में सामने आए आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। अब इस मामले में पुलिस की जांच, आरोपी की गिरफ्तारी और हत्या के पीछे की वजह को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। साथ ही, पिता की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोपों की सच्चाई भी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।