राजस्थान के फलोदी जिले में खुले बोरवेल में गिरे 9 साल के भोमाराम को बचाने की तमाम कोशिशें नाकाम रहीं। करीब 38 घंटे से अधिक समय तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शनिवार तड़के बच्चे को बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मासूम को सुरक्षित निकालने के लिए SDRF और NDRF की टीमों ने लगातार प्रयास किए। बच्चे की मौत की खबर से घटनास्थल पर मौजूद लोगों में शोक छा गया।
खेलते समय 1050 फीट गहरे बोरवेल में गिरा बच्चा
यह घटना फलोदी जिले के नोसर क्षेत्र में स्थित पुनिया की ढाणी की है। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे भोमाराम खेलते समय खुले पड़े बोरवेल में गिर गया था। बोरवेल की गहराई लगभग 1050 फीट बताई गई, जबकि बच्चा करीब 610 फीट नीचे जाकर फंस गया था। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, SDRF और NDRF की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया। स्थानीय विशेषज्ञों की भी मदद ली गई।
बोरवेल में फंसे पत्थरों ने बढ़ाई मुश्किल
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टीमों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बचाव दल के मुताबिक, बच्चे से करीब 30 फीट ऊपर एक पत्थर फंसा हुआ था। इसके अलावा बोरवेल की अधिक गहराई और उसके सीधे न होने के कारण बचाव उपकरणों को अंदर पहुंचाना मुश्किल हो रहा था। इन बाधाओं के बावजूद टीमों ने बच्चे तक पहुंचने और उसे बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास किए। अभियान में स्थानीय विशेषज्ञों की मदद भी ली गई, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी बच्चे को बचाया नहीं जा सका।
बोरवेल में भरने लगा था पानी
रेस्क्यू टीम के अनुसार, अभियान के दौरान बोरवेल में पानी भरने लगा था। बताया गया कि बच्चा पानी में फंसा हुआ था, जिससे उसे सुरक्षित निकालने की चुनौती और बढ़ गई।आखिरकार शनिवार तड़के करीब 3:30 बजे भोमाराम को बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक उसकी जान नहीं बचाई जा सकी थी। करीब 38 घंटे तक चले इस अभियान का अंत बेहद दुखद रहा।