बांका: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विजयादशमी के अवसर पर मंगलवार सुबह बांका जिले के प्रसिद्ध तेलडीहा दुर्गा मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने मां भगवती की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर के विकास को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि तेलडीहा मंदिर का व्यापक विकास किया जाएगा और इसे प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। प्रस्तावित विकास कार्यों के तहत मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की योजना है, ताकि यहां आने वाले भक्तों को बेहतर व्यवस्था मिल सके।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच की पूजा-अर्चना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सुबह करीब 9:15 बजे मंदिर परिसर पहुंचे। यहां जिला प्रशासन की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री गर्भगृह में पहुंचे, जहां प्रधान पुजारी श्याम आचार्य ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा संपन्न कराई। मुख्यमंत्री ने करीब 15 मिनट तक मंदिर में रहकर मां भगवती का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर न्यास और स्थानीय प्रतिनिधियों से भी बातचीत की। चर्चा में श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
रिवर फ्रंट और पुल निर्माण की प्रगति का लिया जायजा
पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने तेलडीहा मंदिर के आसपास चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन रिवर फ्रंट और नदी पर बन रहे उच्चस्तरीय पुल समेत अन्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गुणवत्ता के मानकों का पालन किया जाए और परियोजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि तेलडीहा को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की भी उम्मीद है।
NDA नेताओं ने किया मुख्यमंत्री का स्वागत
मुख्यमंत्री के मंदिर पहुंचने पर एनडीए के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अंगवस्त्र, फूलों की माला और बुके देकर उनका स्वागत किया। इस दौरान पूर्व मंत्री और अमरपुर विधायक जयंत राज, बेलहर विधायक मनोज यादव, मुंगेर विधायक कुमार प्रणय, तारापुर के पूर्व विधायक राजीव कुमार और जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल समेत कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।
सुरक्षा के किए गए थे पुख्ता इंतजाम
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। जानकारी के मुताबिक, परिसर में तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया था और वैध प्रवेश पत्र के बिना लोगों को मुख्य परिसर में जाने की अनुमति नहीं थी। मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान मंदिर के विकास, धार्मिक पर्यटन और आसपास की आधारभूत परियोजनाओं पर विशेष जोर देखने को मिला।