केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में पुलिस स्मृति दिवस के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्रीय पुलिस बलों के जवान भी मौजूद रहे। इस मौके पर अमित शाह ने करीब 90 पुलिसकर्मियों की मोटरसाइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ‘नशे के खिलाफ लड़ाई’ की थीम पर निकाली जा रही यह रैली 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर में संपन्न होगी।
पुलिसकर्मियों का बलिदान देश की ताकत: अमित शाह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक पुलिसकर्मियों ने देश की सुरक्षा और सेवा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनके योगदान के बिना भारत की आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा की कल्पना करना भी मुश्किल होता। अमित शाह ने कहा कि आज भारत दुनिया में सम्मानजनक स्थान पर खड़ा है, तो इसके पीछे सुरक्षा बलों का त्याग और बलिदान भी एक बड़ी वजह है। पुलिसकर्मियों ने कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा सुनिश्चित की है और अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा है।
पुलिस की नौकरी सबसे कठिन सेवाओं में से एक
गृह मंत्री ने पुलिस सेवा की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी सेवाओं में पुलिस की जिम्मेदारी बेहद कठिन है। जहां देश के लोग त्योहारों के दौरान अपने परिवारों के साथ खुशियां मनाते हैं, वहीं पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालने में जुटे रहते हैं। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान भी पुलिसकर्मी आंतरिक सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष परिवार से दूर रहकर राष्ट्र की सेवा में समर्पित करना बड़ी जिम्मेदारी है। शाह ने कहा कि पुलिसकर्मियों का यह समर्पण देश के नागरिकों की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में शहीद जवानों को किया याद
अमित शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ लंबे समय तक चली लड़ाई का उल्लेख करते हुए सुरक्षा बलों के बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद ने दशकों तक देश के कई हिस्सों को प्रभावित किया और इस दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों तथा आम नागरिकों की जान गई। गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में सुरक्षा बलों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने इस संघर्ष में जान गंवाने वाले जवानों और निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि दी। शाह ने कहा कि देश को नक्सलवाद जैसी गंभीर समस्या से बाहर निकालने में सुरक्षा बलों का योगदान अहम रहा है। उन्होंने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा देश उनके बलिदान का सम्मान करता है।
3,600 जवानों के बलिदान को किया नमन
गृह मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष में करीब 3,600 जवानों का बलिदान देश की सुरक्षा के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने शहीदों के परिवारों को भरोसा दिलाया कि राष्ट्र उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा। अमित शाह ने कहा कि जिन जवानों ने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए, उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में शहीद पुलिसकर्मियों के योगदान को याद किया गया। साथ ही देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत करने और नागरिकों की रक्षा में पुलिस बलों की भूमिका को रेखांकित किया गया।