काबुल। अफगानिस्तान के पूर्वी पहाड़ी इलाके और पाकिस्तान की सीमा के पास आए जोरदार भूकंप ने तबाही मचा दी है। आंकड़ों के मुताबिक 950 से अधिक लोगों की जान गई है। यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।
भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.1 थी। आंकड़ों के मुताबिक कम से कम 600 लोगों के घायल होने की खबर है। खोस्त और पक्तिका प्रांतों में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है।
अफगानिस्तान में तालिबान के शासन के बाद कई विदेशी रेस्क्यू एजेंसियां देश छोड़कर चली गई थीं। ऐसे में राहत और बचाव के काम में भी काफी मुश्किलें आ रही हैं।
पड़ोसी पाकिस्तान के मौसम विभाग का कहना है कि भूकंप का केंद्र खोस्त सिटी से 50 किलोमीटर की दूरी पर बॉर्डर के पास ही था। इस इलाके में ज्यादा लोग नहीं रहते हैं इसलिए नुकसान फिर भी कम हुआ है।
तबाही का मंजर
अफगानिस्तान से कई तस्वीरें सामने आई हैं जो कि तबाही की दास्तां बता रही हैं। एक तस्वीर में हेलिकॉप्टर से लोगों को निकालकर इलाज के लिए ले जाया जा रहा है। घायलों का इलाज जमीन पर ही लिटाकर चल रहा है।
तालिबान सरकार में डिप्टी स्पोक्समैन बिलाल करीमी ने कहा कि पक्तिता प्रांत में भूकंप में सैकड़ों लोगों की मौत हो गई। मैं सभी सहायता एजेंसियों से अपील करता हूं कि मौके पर मदद के लिए पहुंचें। काबुल में प्रधानमंत्री मोहम्मद हसन अखुंद ने राहत बचाव के लिए आपातकाल बैठक बुलाई।
वहीं अफगानिस्तानी सीमा के पास पाकिस्तान के कुछ इलाकों में भी भूकंप का असर हुआ है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि वह अफगान लोगों की मदद करेंगे।
यूरोपियन सीस्मोलॉजिकल एजेंसी का कहना है कि लगभग 500 किलोमीटर के इलाके मे भूकंप का असर रहा है और इससे 11.9 करोड़ लोगों पर फर्क पड़ा है।