नई दिल्ली। राष्ट्रपति पद की राजग प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू का शिवसेना ने भी समर्थन करने का ऐलान किया है। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इसका मतलब भाजपा का समर्थन करना नहीं है। हम आदिवासी नेता के नाम पर द्रौपदी मुर्मू का समर्थन कर रहे हैं। इसके अलावा जनभावना का ख्याल रखते हुए भी यह फैसला लिया गया है।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू के समर्थन का संकेत शिवसेना की पार्टी मीटिंग से मिला था। शिवसेना सांसद गजानन कीर्तिकार ने बताया था कि मीटिंग में सांसदों ने इस संबंध में मांग की है।
उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ने सांसदों से कहा है कि वह एक-दो दिन में इस बारे में फैसला लेकर उन्हें बताएंगे। कीर्तिकार ने कहा था कि भले ही मुर्मू एनडीए उम्मीदवार हैं, लेकिन वह आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं और एक महिला है। इसलिए शिवसेना सांसदों का मत है कि उन्हें मूर्मू को सपोर्ट करना चाहिए।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के तहत शिवसेना और भाजपा के संबंध सामान्य नहीं है। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना सांसदों की बगावत के बाद यहां पर महाविकास अघाड़ी गठबंधन की सरकार गिर गई थी।
इसके बाद भाजपा और शिवसेना के बागी गुट ने मिलकर सरकार बनाई। इस बदलते राजनीतिक समीकरण के बीच शिवसेना सांसदों द्वारा भाजपा समर्थित उम्मीदवार का समर्थन अपने आप में एक बड़ी राजनीतिक घटना है।
बता दें कि आदिवासी बैकग्राउंड और महिला उम्मीदवार होने के नाते द्रौपदी मुर्मू को विभिन्न दलों का समर्थन मिल रहा है। इसमें वह दल भी शामिल हैं, जिनकी भाजपा से वैचारिक असहमतियां हैं।