नई दिल्ली। अभिनेता राजपाल यादव से जुड़े 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में 16 फरवरी 2026 को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने निर्देश दिया कि वे शेष 1.5 करोड़ रुपये डिमांड ड्राफ्ट (DD) के माध्यम से जमा करें। राशि जमा होने पर उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। फिलहाल मामले की सुनवाई दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है, जिसके बाद अगला आदेश सुनाया जा सकता है।
यह मामला वर्ष 2012 में रिलीज हुई फिल्म अता पता लापता से जुड़े वित्तीय विवाद से संबंधित है। यह फिल्म राजपाल यादव के बैनर तले बनी थी और बतौर निर्देशक उनकी पहली फिल्म थी। अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, फिल्म निर्माण के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल रहने के कारण ऋण समय पर नहीं चुकाया जा सका, जिसके बाद कर्जदाता पक्ष ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।
इस प्रकरण में वर्षों से सुनवाई चल रही है। अदालत पहले भी बकाया राशि के भुगतान के निर्देश दे चुकी है और आदेशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा था। निर्धारित समयसीमा में भुगतान न होने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया था। वर्ष 2018 में अदालत की अवमानना के चलते राजपाल यादव को सजा सुनाई गई थी और उन्हें कुछ समय के लिए तिहाड़ जेल भी भेजा गया था।
इसी मामले में अदालत ने उन्हें 6 फरवरी 2026 को दोबारा तिहाड़ जेल में सरेंडर करने का निर्देश दिया था। मौजूदा कार्यवाही पूर्व आदेशों के अनुपालन और कानूनी राहत से जुड़ी है। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि राजपाल यादव बिना शर्त 1.5 करोड़ रुपये एफडीआर के माध्यम से जमा करने को तैयार हैं। हालांकि, जस्टिस शर्मा ने स्पष्ट किया कि भुगतान केवल डिमांड ड्राफ्ट के जरिए ही स्वीकार किया जाएगा।
दिल्ली हाई कोर्ट को बताया गया कि प्रतिवादी पक्ष की ओर से पहले ही 25 लाख रुपये डीडी के रूप में जमा किए जा चुके हैं, जबकि राजपाल यादव पूर्व में 75 लाख रुपये का डीडी जमा कर चुके हैं। अब 1.5 करोड़ रुपये की शेष राशि जमा करना बाकी है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अंतरिम जमानत के लिए यह राशि आज दोपहर 3 बजे तक जमा की जाए। यदि समय पर भुगतान हो जाता है तो उन्हें तुरंत रिहा कर दिया जाएगा, अन्यथा मामले की अगली सुनवाई कल सुबह की जाएगी। इस बीच फिल्म इंडस्ट्री से उन्हें समर्थन मिल रहा है और अभिनेता सोनू सूद ने भी उनके लिए प्रार्थना की है।