बर्मिंघम (इंग्लैंड)। एजबैस्टन में खेले गए भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के पांचवे व अंतिम मैच में इंग्लैंड ने सात विकेट से मैच जीतकर सीरीज में 2-2 से बराबरी हासिल की। 2021 में शुरू हुई टेस्ट सीरीज का ऐसा अंत शायद ही किसी भारतीय क्रिकेट फैन ने सोचा होगा।
भारत ने पहली पारी में 416 रन बनाकर इंग्लैंड को पहली पारी में 284 रनों पर समेट दिया था। इसके बाद टीम इंडिया दूसरी पारी में महज 245 रनों पर ही ऑलआउट हो गई।
378 रनों का टारगेट देखने में तो बहुत बड़ा लग रहा था, लेकिन जो रूट और जॉनी बेयरेस्टो ने जिस तरह से रनों का पीछा किया, उसके हिसाब से तो 500 का टारगेट भी कम ही होता। जो रूट 142 और बेयरेस्टो 114 रन बनाकर नॉटआउट लौटे।
टीम इंडिया के हार के पांच सबसे बड़े कारण
आर अश्विन को प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया जाना
एजबेस्टन की पिच स्पिन फ्रेंडली होती है, ऐसे में चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरना टीम इंडिया को भारी पड़ा। अश्विन जिस तरह के गेंदबाज हैं, वह बड़े से बड़े बल्लेबाजों को चारों खाने चित कराना जानते हैं। एजबेस्टन टेस्ट के प्लेइंग XI में उनका नहीं होना टीम इंडिया को काफी भारी पड़ा।
पहली पारी में टॉप ऑर्डर बैटिंग फ्लॉप
पहली पारी में टीम इंडिया ने 98 रनों तक पांच विकेट गंवा दिए थे। शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, हनुमा विहारी, विराट कोहली और श्रेयस अय्यर इन सभी का हथियार डाल देना।
ऋषभ पंत और रविंद्र जडेजा ने अगर शतक नहीं लगाए होते और बुमराह ने स्टुअर्ट ब्रॉड की एक ओवर में बैंड नहीं बजाई होती, तो टीम इंडिया इस मैच में कभी आगे हो ही नहीं पाती।
इंग्लैंड को पहली पारी में वापसी का मौका देना
416 रनों का स्कोर बनाने के बाद टीम इंडिया ने 83 रनों तक इंग्लैंड के पांच बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया था। जॉनी बेयरेस्टो भी पूरे रंग में नहीं दिख रहे थे। विराट कोहली की स्लेजिंग ने बेयरेस्टो को पता नहीं कौन सी घुट्टी पिला दी, कि उसके बाद तो उन्होंने रुकने का नाम ही नहीं लिया।
दूसरी पारी में बैटिंग को लेकर ढ़ीला रवैया
पहली पारी के आधार पर मिली बढ़त के बाद टीम इंडिया के बल्लेबाज दूसरी पारी में काफी ज्यादा कंफर्टेबल होते दिखे। चेतेश्वर पुजारा और ऋषभ पंत को छोड़कर किसी ने भी पचास का आंकड़ा पार नहीं किया।
खराब फील्डिंग और पहले ही से ही दबाव में आना
जो रूट और जॉनी बेयरेस्टो को लेकर टीम इंडिया ने जो फील्ड सेटिंग की, उसमें बुमराह की अनुभवहीनता साफ नजर आई। टीम इंडिया बाउंड्री बचाने में लगी थी, इन दोनों ने सिंगल-डबल लेकर मैच भारत की पहुंच से बाहर निकाल दिया। बेयरेस्टो जिस तरह की फॉर्म में हैं, उन्हें एक जीवनदान देना भी खतरे से खाली नहीं और भारतीय टीम ने तो इन्हें दो-दो जीवनदान दे डाले।