नई दिल्ली। साउथ अफ्रीकी टीम को चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 50 रनों से हार झेलनी पड़ी। इसी के साथ उसका एक बार फिर चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में जाने का सपना टूट गया। सेमीफाइनल में अफ्रीकी टीम के गेंदबाज अच्छा नहीं कर सके और उनके आगे पहले बल्लेबाजी करते हुए कीवी बल्लेबाजों ने 362 रन बनाए। इसके बाद अफ्रीका के लिए कप्तान टेम्बा बावुमा और डेविड मिलर ने अच्छी पारियां खेली, लेकिन ये प्लेयर्स अफ्रीकी को जीत नहीं दिला पाए।
न्यूजीलैंड की ओर से पहले सलामी बल्लेबाज रचिन रवींद्र ने 101 बॉल पर 108 रनों की शानदार पारी खेली। उन्होंने 13 चौके और एक आसमानी छक्का भी लगाया। इसके कुछ ही देर बाद पूर्व कप्तान केन विलियमसन ने भी अपना शतक पूरा कर लिया। उन्होंने 94 बॉल पर 102 रन बनाए। उनकी पारी के दौरान 10 चौके और दो छक्के आए। आमतौर पर केन विलियमसन ऐसी तेज पारी खेलने के लिए जाने नहीं जाते हैं। लेकिन इस मैच में उनका अलग ही रूप देखने के लिए मिला।
आईसीसी टूर्नामेंट में साउथ अफ्रीका को झेलनी पड़ रही है हार
साउथ अफ्रीका की टीम ने अभी तक आईसीसी वनडे टूर्नामेंट में कुल 11 सेमीफाइनल मुकाबले खेले हैं, जिसमें से उसे 9 में हार झेलनी पड़ी है। सिर्फ एक ही में जीत हासिल की है। जबकि एक मैच टाई रहा था। जिस एक सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका को जीत मिली थी। वह मैच भी साल 1998 में श्रीलंका के खिलाफ हुआ था। तब से ही आईसीसी वनडे टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में अफ्रीकी टीम जीत दर्ज करने के लिए तरस रही है।
इसके बाद जब साउथ अफ्रीका की बल्लेबाजी आई तो डेविड मिलर ने शतक ठोक दिया। साउथ अफ्रीका भले ही ये मैच हार गया हो, लेकिन डेविड मिलर की पारी को याद रखा जाएगा। उन्होंने मैच की आखिरी बॉल पर दो रन लेकर अपना शतक पूरा किया। मिलर ने 67 बॉल पर 100 रनों की नाबाद पारी खेली। ये चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास का सबसे तेज शतक भी है। उन्होंने 77 बॉल पर चैंपियंस ट्रॉफी में शतक लगाने वाले जोश इंग्लिस और वीरेंद्र सहवाग का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है।