नई दिल्ली। दिल्ली की शराब नीति में हुए घोटाले को लेकर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सीबीआई की रडार पर हैं। मामले को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब इस विवाद पर आप के पूर्व नेता योगेंद्र यादव ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने आम आदमी पार्टी के पूर्व सचिव परमजीत कात्याल के एक पुराने वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी थी। योगेंद्र यादव ने ट्वीट कर कहा, “परमजीत जी ने 7 साल पहले इस घटना के बारे में मुझे जानकारी दी थी।
योगेंद्र यादव ने लिखा तब मैंने पूछताछ की और पाया कि उनकी बात पूरी तरह सच है। अरविंद केजरीवाल के आदेश पर दिसंबर 2013 में अपने ही MLA को बीजेपी के नाम पर फोन करवाए गए थे। ऐसी करतूतों के कारण ही हम लोगों का AAP नेतृत्व से मोहभंग हुआ था।”
परमजीत जी ने 7 साल पहले इस घटना के बारे में मुझे जानकारी दी थी। तब मैंने पूछताछ की और पाया कि उनकी बात पूरी तरह सच है। अरविंद केजरीवाल के आदेश पर दिसंबर 2013 में अपने ही MLA को बीजेपी के नाम पर फोन करवाए गए थे। ऐसी करतूतों के कारण हम लोगों का AAP नेतृत्व से मोहभंग हुआ था। https://t.co/T2v3vTCbcR
— Yogendra Yadav (@_YogendraYadav) August 24, 2022
दरअसल, बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने मंगलवार की रात ट्विटर पर एक नया वीडियो शेयर किया। जिसमे उन्होंने दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी पर तंज कसा है। मालवीय ने केजरीवाल से स्पष्टीकरण की भी मांग की कि जांच के आदेश के तुरंत बाद नई आबकारी नीति को क्यों उलट दिया गया।
मालवीय ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, “अगर अरविंद केजरीवाल सत्येंद्र जैन को पद्म विभूषण, सिसोदिया को भारत रत्न और खुद को ऑस्कर के लिए नामांकित करते हैं, तो उन्हें यह बताना चाहिए कि जांच के आदेश के तुरंत बाद नई शराब आबकारी नीति को क्यों उलट दिया गया। इसके लिए कितनी रिश्वत मिली। दिल्ली सरकार को कुल कितना नुकसान हुआ?”
If Arvind Kejriwal is done nominating Satyendra Jain for Padma Vibhushan, Sisodia for Bharat Ratna and himself for Oscars, he should explain why the new liquor excise policy was reversed immediately after inquiry was ordered, how much bribe was received, total loss to Delhi Govt? pic.twitter.com/1N8a8sxoe8
— Amit Malviya (@amitmalviya) August 23, 2022
अमित मालवीय ने एक पुराना वीडियो भी साझा किया जो जाहिर तौर पर आप के पूर्व सचिव परमजीत सिंह कात्याल का है। इस वीडियो में कात्याल ने दावा किया कि उन्हें और अन्य को अरुण जेटली और नितिन गडकरी जैसे वरिष्ठ भाजपा नेताओं के नाम पर आप विधायकों को पैसे के बदले पार्टी से अलग होने का ऑफर देने के लिए कहा गया था।
कात्याल ने कहा, “मजेदार बात यह है कि जब हमने टीवी पर अरविंद केजरीवाल को यह कहते हुए देखा कि भाजपा उनके विधायकों को बुला रही है और उन्हें खरीदने की कोशिश कर रही है और उन्हें 35 लाख की पेशकश कर रही है। मुझे पहली बार एहसास हुआ मैं कुछ गलत कर रहा था।”