मुंबई। महाराष्ट्र के सीएम शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और बागी नेता एकनाथ शिंदे के बीच की लड़ाई अब सरकार बनाने और गिराने के साथ साथ ठाकरे की विरासत पर आ गई है। शिंदे ने बागी विधायकों के साथ अपने गुट का नाम शिवसेना (बालासाहब) कर दिया है, जिसने उद्धव ठाकरे को खुली चुनौती दे दी है।
शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उद्धव ठाकरे ने दो टूक शब्दों में शिंदे पर हमला बोला। कहा कि कोई और बालासाहब के नाम का इस्तेमाल नहीं कर सकता है। बालासाहब उनके पिता थे और उनके पिता का नाम कोई और इस्तेमाल नहीं कर सकता।
नाथ से दास हो गए शिंदे
उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिंदे पहले नाथ थे लेकिन भाजपा से मिलकर अपनी ही पार्टी शिवसेना को धोखा दे रहे हैं, इसलिए अब शिंदे नाथ से दास हो गए हैं। उन्होंने शिंदे को चुनौती दी कि अगर हिम्मत है तो अपनी पार्टी या गुट का नाम अपने पिता के नाम से रखो। चुनाव के वक्त अपने पिता के नाम पर वोट मांगने जाओ, देखते हैं तुम्हे कौन वोट देता है।
चुनाव आयोग जाएगी शिवसेना
शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में चार प्रस्ताव पास किए गए हैं। जिसमें से एक प्रस्ताव के तहत शिवसेना चुनाव आयोग जाएगी। शिवसेना आयोग में अपील करेगी कि कोई और बालासाहब के नाम का इस्तेमाल नहीं कर सकता। अन्य प्रस्तावों में बागियों पर ऐक्शन उद्धव ही लेंगे। हिन्दुत्व और मराठी अस्मिता का प्रस्ताव पास हुआ। आखिरी प्रस्ताव में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर भरोसा जताया गया है।