मुंबई। 1039.79 करोड़ के पात्रा चॉल घोटाले में घिरे शिवसेना सांसद संजय राउत की मुसीबत बढ़ती जा रही है। विशेष अदालत ने राउत की हिरासत को आठ अगस्त तक बढ़ा दिया है। 60 वर्षीय संजय राउत को बीते रविवार गिरफ्तार किया गया था। तब अदालत ने उन्हें चार अगस्त तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था। राउत की हिरासत आज खत्म हो रही थी।
ईडी ने उन्हें पीएमएलए विशेष कोर्ट में पेश किया, जिसके बाद उनकी हिरासत को आठ अगस्त तक बढ़ा दिया गया। हिरासत बढ़ाए जाने पर संजय राउत के भाई सुनील राउत ने कहा कि हमें न्यायपालिका पर भरोसा है। संजय राउत बालासाहेब ठाकरे के सच्चे शिवसैनिक हैं, वे कभी कोई भ्रष्टाचार नहीं करेंगे। भाजपा उनसे डरती है।
क्या है पात्रा चॉल घोटाला
मुंबई पश्चिमी उपगनर के गोरेगांव स्थित सिद्धार्थ नगर के पात्रा चॉल के 47 एकड़ जमीन पर 672 परिवारों के घरों के पुनर्विकास के लिए साल 2007 में सोसायटी द्वारा महाराष्ट्र हाउसिंग डेवलपमेंड अथॉरिटी (म्हाडा) और गुरू कंस्ट्रक्शन कंपनी के बीच करार हुआ था। इस करार के तहत कंपनी को साढ़े तीन हजार से ज्यादा फ्लैट बनाकर म्हाडा को देने थे।
आरोप है कि कंपनी ने म्हाडा को गुमराह कर पात्रा चॉल की एफएसआई 9 अलग-अलग बिल्डरों को बेच कर 901 करोड़ रुपये जमा किए। 2018 में म्हाडा ने गुरू कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया।
पात्रा चॉल का संजय राउत कनेक्शन
गुरु कंस्ट्रक्शन कंपनी के निदेशक रहे प्रवीण राउत, संजय राउत के करीबी हैं। ईडी ने प्रवीण को फरवरी 2022 में गिरफ्तार कर लिया था। पात्रा चॉल घोटाले से प्रवीण ने 95 करोड़ रुपये कमाए और वह पैसा अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को बांटा था। इसमें से 55 लाख रुपये संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत के खाते में आए थे।