काबुल। डुरंड लाइन के आसपास पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार, जिसे इस्लामिक अमीरात के नाम से जाना जाता है, ने पाकिस्तान के हालिया हवाई हमलों के जवाब में व्यापक सैन्य अभियान शुरू करने का दावा किया है।
अफगानिस्तान का दावा: 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए
अफगान उप-प्रवक्ता Hamdullah Fitrat के अनुसार, 203 मंसूरी कोर और 201 खालिद बिन वालिद कोर ने पक्तिया, पक्तिका, खोस्त, कुनार, नूरिस्तान और नंगरहार समेत कई सीमावर्ती प्रांतों में कार्रवाई की। उनका दावा है कि इस अभियान में करीब 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और कई को जिंदा पकड़ लिया गया।
अफगान अधिकारियों का कहना है कि एक मुख्यालय और 19 चौकियों पर कब्जा किया गया है, जबकि कुछ चौकियों को आग के हवाले कर दिया गया। भारी मात्रा में हथियार और एक टैंक नष्ट करने का भी दावा किया गया है।
2,611 किलोमीटर लंबी डूरंड रेखा को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद रहा है। अफगानिस्तान आधिकारिक तौर पर इस सीमा को मान्यता नहीं देता, जिससे समय-समय पर तनाव भड़कता रहा है।
पाकिस्तान का पक्ष: 70 आतंकियों के मारे जाने का दावा
दूसरी ओर, पाकिस्तान ने कुछ दिन पहले सीमा पार हवाई हमले किए थे। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों में कम से कम 70 आतंकवादी मारे गए। हालांकि अफगानिस्तान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि हमलों में महिलाएं और बच्चे समेत कई आम नागरिकों की मौत हुई है।
अफगान रक्षा मंत्रालय ने इन हवाई हमलों को अपनी संप्रभुता और हवाई क्षेत्र का उल्लंघन बताया है। वहीं पाकिस्तान का कहना है कि सीमा पर गोलीबारी की शुरुआत अफगान ठिकानों से हुई थी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई।
खैबर पख्तूनख्वा में भारी गोलीबारी
Khyber Pakhtunkhwa प्रांत के सीमावर्ती इलाकों में भी भारी गोलीबारी की खबरें हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, दोनों ओर से तोप और हल्के हथियारों का इस्तेमाल किया गया।
पहले भी हो चुकी हैं झड़पें
पिछले कई महीनों से दोनों देशों के बीच रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं। अक्टूबर में भी सीमा पर बड़ी झड़प हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों के सैनिकों की मौत हुई थी।फिलहाल हालात बेहद संवेदनशील हैं और सीमा पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस घटनाक्रम पर टिकी हैं, क्योंकि लगातार बढ़ता तनाव क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।