नई दिल्ली। पहलगाम में आतंकी हमला कराने की जिम्मेदारी लेने वाले संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को अमेरिका ने आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने TRF को आतंकी संगठन घोषित करने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अमेरिका के विदेश विभाग ने द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) और वैश्विक आतंकवादी (STGT) घोषित कर दिया है।
बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू कश्मीर के पहलगाम जिले की बैसरन घाटी में टूरिस्टों पर जो आतंकी हमला हुआ था, वह द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ही कराया था। हमले के बाद खुद इस संगठन ने हमला कराने की जिम्मेदारी ली थी। हमले में 26 लोगों ने जान गंवाई थी, लेकिन पहलगाम हमले के बाद दोनों के संबंध और ज्यादा बिगड़ गए हैं। भारत ने पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक की थी और 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करके पहलगाम आतंकी हमले का बदला लिया था।
बता दें कि पहलगाम आतंकी हमला साल 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद सबसे बड़ा और घातक हमला था। पहलगाम हमला कराने का मकसद जम्मू कश्मीर में टूरिज्म सेक्टर को बर्बाद करके अर्थव्यवस्था को बिगाड़ना और धार्मिक भेदभाव को बढ़ावा देना था। हालांकि, एक बार जिम्मेदारी लेने के बाद TRF पीछे हट गया था। हमले में हाथ होने से इनकार करते हुए सोशल मीडिया अकाउंट के हैक होने की बात कही थी, लेकिन भारतीय और अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों ने दावे को खारिज किया था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, साल 2019 में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद TRF की स्थापना की गई थी। इस संगठन को कश्मीर रेजिस्टेंस भी कहा जाता है। TRF को पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की ब्रांच माना जाता है। इस संगठन को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI समर्थन देती है। TRF ने जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी हमलों को अंजाम दिया है। जम्मू कश्मीर के आम लोगों, गैर-मुस्लिम समुदायों जैसे कश्मीरी पंडित, सिख, प्रवासी मजदूरों और भारतीय सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर हमला किए हैं।