रूस ने यूक्रेन पर हमला बोल दिया है और आज इस हमले का चौथा दिन है। इसी बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति लोदिमिर जेलेंस्की ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फ़ोन पर बात की है। उन्होंने इस युद्ध की स्थिति में भारत से मदद की गुहार लगाई है। जेलेंस्की ने बताया कि ‘इस समय हमारी धरती पर एक लाख से अधिक आक्रमणकारी ने घुसपैठ कर रखी है। उन्होंने आवासीय भवनों पर घातक रूप से गोलियां चलाईं।’ बातचीत के दौरान उन्होंने पीएम मोदी से राजनितिक समर्थन की अपील की है।
हाल ही में इस युद्ध के बीच भारत के रुख को लेकर यूक्रेन ने आपत्ति ज़ाहिर की थी, ऐसे में दोनों को बीच हुई ये बातचीत काफी अहम है। इस पुरे मामले में भारत ने एक नूट्रल स्टैंड रखा है और अब तक रूस और यूक्रेन में से किसी का साथ नहीं दिया है। रूस द्वारा संयुक्त राष्ट्र में अपने आक्रमण की निंदा करने के लिए एक वोट से दूर रहने के भारत के फैसले की प्रशंसा करने के तुरंत बाद उन्होंने मोदी से बात करने का खुलासा किया।
जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से बात की और यूक्रेन द्वारा रूस की आक्रामकता को माकूल जवाब दिए जाने की जानकारी दी। उन्होंने भारत से यूएनएससी में राजनीतिक समर्थन प्रदान करने का आग्रह करते हुए कहा, ‘आक्रामक को एक साथ रोकें।’ भारत के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट किया- ‘राष्ट्रपति जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री को यूक्रेन में जारी संघर्ष की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी।’
बता दें कि भारत ने यूएनएससी के प्रस्ताव पर मतदान करने से परहेज किया था, जिसमें यूक्रेन के खिलाफ रूस की आक्रामकता की कड़ी निंदा की गई थी, यह कहते हुए कि बातचीत ही मतभेदों और विवादों को निपटाने का एकमात्र जवाब है। भारत में रूसी दूतावास ने शनिवार को एक ट्वीट में कहा, ’25 फरवरी, 2022 को यूएनएससी में मतदान में भारत की स्वतंत्र और संतुलित स्थिति की हम सराहना करते हैं।’ इसने आगे कहा, ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी की भावना में रूस यूक्रेन के आसपास की स्थिति पर भारत के साथ घनिष्ठ संवाद बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।’