नई दिल्ली। कपड़ा कारखाने में काम करने वाले दीपू चंद्र दास की हत्या के मामले में चार आरोपियों ने अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। बांग्लादेश पुलिस ने गुरुवार को इस मामले में छह और लोगों को गिरफ्तार किया, जिससे अब तक कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 18 हो गई है।
नवगिरफ्तार आरोपियों में सुनामगंज का 22 वर्षीय तकबीर, ठाकुरगांव का 42 वर्षीय रुहुल अमीन, सदर उपजिला का 33 वर्षीय नूर आलम, तारकंडा उपजिला का 28 वर्षीय शमीम मियां, नोआखाली का 22 वर्षीय सलीम मियां और मदारीपुर जिले का 23 वर्षीय मासूम खलाशी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में तारिक हुसैन, मानिक मियां, निजामुल हक और अजमल छागिल ने वरिष्ठ न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष अपने बयान दर्ज कराते हुए हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
छह दिनों में दो हिंदुओं की लिंचिंग के मामले सामने आए
इस बीच, छह दिनों के भीतर हिंदू समुदाय के दो लोगों की लिंचिंग की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। 25 दिसंबर को जब तारिक रहमान विदेश से लौटे, तो उन्होंने अपने भाषण में लोकतांत्रिक बांग्लादेश और कानून के शासन का सपना पेश किया। हालांकि, उसी रात बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले के पांग्शा उपजिला के होसेंडांगा पुराने बाजार इलाके में एक हिंदू युवक अमृत मंडल की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
बताया गया है कि भीड़ ने अमृत मंडल पर बेरहमी से हमला किया। पुलिस ने गंभीर हालत में उन्हें बचाकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन रात करीब दो बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।