कराची में गुरुवार सुबह एक रिहायशी अपार्टमेंट बिल्डिंग में भीषण गैस विस्फोट हो गया। हादसे में महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। धमाके के बाद इमारत का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया और मलबे में कई लोग दब गए। स्थानीय पुलिस प्रमुख रिजवान पटेल के मुताबिक विस्फोट उस समय हुआ जब लोग सिंध प्रांत की राजधानी कराची में रमजान के पवित्र महीने के पहले दिन सहरी की तैयारी में खाना बना रहे थे। शुरुआती जानकारी में 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन बाद में मलबे से तीन और शव निकाले जाने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई। राहत और बचाव दल देर रात तक मलबा हटाकर फंसे लोगों की तलाश में जुटे रहे।
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए और बचाव अभियान में तेजी लाने को कहा। साथ ही सिंध सरकार से बिल्डिंग कोड का सख्ती से पालन कराने, गैस सिलेंडरों की सुरक्षा जांच सुनिश्चित करने और घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने का आग्रह किया।
गौरतलब है कि कराची समेत पाकिस्तान के अधिकांश शहरों में खाना पकाने के लिए प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होती है, लेकिन कम दबाव की समस्या के कारण कई घरों में एलपीजी सिलेंडर का भी इस्तेमाल किया जाता है। गैस रिसाव और सिलेंडर विस्फोट की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। इससे पहले जुलाई में इस्लामाबाद में एक घर में शादी के रिसेप्शन के बाद गैस विस्फोट हुआ था, जिसमें दूल्हा-दुल्हन सहित आठ लोगों की जान चली गई थी। अधिकारियों के अनुसार मेहमानों के जुटने के दौरान यह धमाका हुआ था।