पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें जेल से रावलपिंडी स्थित अस्पताल में शिफ्ट किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि आंखों की बीमारी के इलाज के लिए उन्हें Al-Shifa Eye Trust Hospital में भर्ती कराया जाएगा।
21 से 26 फरवरी के बीच दी जाएगी दवा
जानकारी के अनुसार, इमरान खान को 21 से 26 फरवरी के बीच आइलिया इंजेक्शन की डोज दी जानी है। इस प्रक्रिया से पहले उनकी आंखों की विस्तृत जांच की जाएगी। अस्पताल में भर्ती के दौरान वे अपने परिजनों से भी मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि, उन्हें कब और कितने समय के लिए भर्ती किया जाएगा, इस पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
परिजनों से मुलाकात की संभावना
सूत्रों का कहना है कि इलाज के दौरान इमरान खान को अपनी बहनों, बेटों, करीबी सहयोगियों और जेल में बंद उनकी पत्नी Bushra Bibi से मिलने की अनुमति मिल सकती है। मेडिकल जांच के तहत उनका एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे, हृदय संबंधी परीक्षण और ब्लड टेस्ट भी किए जा सकते हैं।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
इमरान खान की सेहत को लेकर उनके परिवार ने पहले भी चिंता जताई थी। परिजनों का आरोप है कि उन्हें जेल में अंधेरी और अस्वच्छ कोठरी में रखा गया है। पर्याप्त भोजन, नींद और दवाइयों की सुविधा नहीं दी जा रही है। परिवार का दावा है कि आंखों में संक्रमण के कारण उनकी दाईं आंख की रोशनी प्रभावित हुई है। उन्होंने सरकार और सेना पर गंभीर आरोप लगाते हुए इमरान खान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों ने लिखा पत्र
इमरान खान के इलाज और उनके साथ व्यवहार को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आवाज उठी है। पाकिस्तान की Shehbaz Sharif सरकार को पांच देशों के 14 पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने पत्र लिखकर बेहतर चिकित्सा सुविधा और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की है।
पत्र लिखने वालों में भारत के पूर्व कप्तान Sunil Gavaskar और Kapil Dev, ऑस्ट्रेलिया के Allan Border, Steve Waugh, Ian Chappell, Kim Hughes और Belinda Clark, इंग्लैंड के Mike Atherton, Nasser Hussain, Mike Brearley, David Gower, वेस्टइंडीज के Clive Lloyd और न्यूजीलैंड के John Wright शामिल हैं।
इन पूर्व कप्तानों ने अपने पत्र में मांग की है कि इमरान खान के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। फिलहाल, उनकी अस्पताल में शिफ्टिंग को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।