जोहानिसबर्ग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुरुवार को ब्रिक्स समिट में भारत का पक्ष रखते हुए कहा कि ब्रिक्स के विस्तार पर साथी देशों में सहमति बनी है। अर्जेंटीना और सऊदी अरब समेत छह देशों को ब्रिक्स में नए स्थायी सदस्य के तौर पर शामिल करने का भारत समर्थन करता है।
चंद्रयान-3 पर बधाइयों के लिए सभी को शुक्रिया
चंद्रयान-3 मिशन को लेकर PM मोदी ने कहा कि चंद्रयान-3 ने कल चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग की। यह सिर्फ भारत के लिए ही नहीं, पूरी दुनिया के वैज्ञानिक समुदाय के लिए उपलब्धि है। भारत ने जहां टारगेट किया था, वहीं लैंडिंग की। एक कठिन सतह पर हमने सफलतापूर्व लैंडर को लैंड कराया। यह भारत के वैज्ञानिकों के लिए बड़ी उपलब्धि है। हमें पूरी दुनिया की तरफ से जो बधाई के संदेश मिले हैं। मैं उसके लिए अपने वैज्ञानिकों और देशवासियों की तरफ से आपका शुक्रिया अदा करता हूं।
20वीं सदी में ग्लोबल संस्थानों के लिए मिसाल
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मुझे खुशी है कि तीन दिन की इस बैठक से कई सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। हमने 15वीं वर्षगांठ पर इसका विस्तार करने का फैसला किया है। भारत ने ब्रिक्स की सदस्यता में हमेशा से पूरी तरह समर्थन किया है। आज हम अर्जेंटीना, मिस्र, सऊदी अरब, ईरान, इथियोपिया और यूएई का ब्रिक्स में स्वागत करने के लिए सहमत हुए हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि ‘जिन अन्य देशों ने भी ब्रिक्स से जुड़ने की इच्छा जताई है, भारत उन्हें भी पार्टनर देशों के तौर पर जुड़ने के लिए कंसेसस देगा। ब्रिक्स का आधुनिकीकरण और विस्तार इस बात का संदेश है कि विश्व के सभी संस्थानों को बदलते समय की परिस्थितियों के अनुरूप ढलना चाहिए। यह ऐसी पहल है जो 20वीं सदी में स्थापित अन्य ग्लोबल संस्थानों के लिए एक मिसाल बन सकता है।’