ईरान में पिछले 15 दिनों से जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। ट्रंप ने ईरान के प्रदर्शनकारियों से आंदोलन जारी रखने और सरकारी संस्थानों पर कब्जा करने की अपील करते हुए कहा है कि “मदद आ रही है।” उनके इस बयान के बाद अमेरिका की संभावित कार्रवाई को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “ईरानी देशभक्तों, विरोध जारी रखो। अपने संस्थानों पर कब्जा करो। हत्यारों और भ्रष्ट लोगों के नाम याद रखो—उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। जब तक प्रदर्शनकारियों की बेवजह हत्या बंद नहीं होती, मैंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं। मदद आ रही है।” ट्रंप के इस बयान को ईरान के आंतरिक मामलों में सीधे हस्तक्षेप के रूप में देखा जा रहा है, जिससे यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या अमेरिका ईरान के खिलाफ कोई बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।
इस बीच, ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने भी एक वीडियो संदेश जारी कर प्रदर्शनकारियों से संघर्ष तेज करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दुनिया ने न सिर्फ ईरानी जनता की आवाज सुनी है, बल्कि अब उस पर कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है। रजा पहलवी ने ट्रंप के संदेश का हवाला देते हुए कहा-“आप सभी ने सुना है, ‘मदद आ रही है।’”
रजा पहलवी ने ईरान की मौजूदा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी हत्याओं के बाद जनता और शासन के बीच खून की दीवार खड़ी हो चुकी है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे हिंसा करने वालों के नाम याद रखें, क्योंकि एक दिन उन्हें अपने कृत्यों का जवाब देना होगा।
उन्होंने ईरानी सेना को भी सीधा संदेश देते हुए कहा, “आप ईरान की राष्ट्रीय सेना हैं, इस्लामिक रिपब्लिक की नहीं। अपने देशवासियों की रक्षा करना आपका कर्तव्य है। आपके पास ज्यादा समय नहीं है—जितनी जल्दी हो सके जनता के साथ खड़े हों।” ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन और उस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाओं से साफ है कि हालात तेजी से बदल रहे हैं। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि अमेरिका और ईरान आगे क्या रुख अपनाते हैं।