नई दिल्ली। सऊदी अरब के प्रमुख ऊर्जा केंद्र रास तनुरा स्थित Saudi Aramco की तेल रिफाइनरी को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया। यह कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत तेल और गैस उत्पादक मानी जाती है। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले के बाद प्लांट के एक हिस्से में आग लग गई थी, जिस पर जल्द ही काबू पा लिया गया।
समाचार एजेंसी Reuters ने सूत्रों के हवाले से बताया कि एहतियातन रास तनुरा रिफाइनरी को सोमवार सुबह अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्थिति नियंत्रण में है और किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
इसी बीच, Semafor के एक पत्रकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए बताया कि आग मामूली थी और उसे तुरंत बुझा दिया गया। अब तक किसी के घायल होने या गंभीर क्षति की पुष्टि नहीं हुई है।
शाहेद-136 ड्रोन का इस्तेमाल?
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हमले में ईरान के शाहेद-136 ड्रोन का उपयोग किया गया। Bloomberg की एक रिपोर्ट के अनुसार, ड्रोन हमले के चलते रिफाइनरी का संचालन थोड़े समय के लिए रोकना पड़ा। हालांकि आग सीमित दायरे में थी और हालात जल्द सामान्य कर लिए गए।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। हाल के दिनों में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच टकराव की घटनाओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
रास तनुरा का रणनीतिक महत्व
सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में स्थित रास तनुरा देश के सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्रों में गिना जाता है। यह संयंत्र प्रतिदिन लगभग 5.5 लाख बैरल से अधिक कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता रखता है। यहां मौजूद निर्यात टर्मिनल अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए बड़ी मात्रा में तेल टैंकरों पर लोड कर सकता है, जिससे यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला का अहम हिस्सा बनता है।
विशेष सुरक्षा इंतजामों और आधुनिक निगरानी प्रणालियों से लैस यह केंद्र एशिया, यूरोप और अमेरिका सहित कई बड़े बाजारों के लिए कच्चे तेल की सप्लाई सुनिश्चित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यहां संचालन लंबे समय तक बाधित होता है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है।