काठमांडू। नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ युवाओं का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। कई शहरों से आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएँ सामने आई हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी दफ्तरों और मंत्रियों के आवासों को निशाना बनाते हुए आग के हवाले कर दिया। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के आदेश के बावजूद सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। अब तक उनकी कैबिनेट के 9 मंत्री इस्तीफा दे चुके हैं। राजधानी काठमांडू में पीएम आवास के बाहर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षाबलों ने फायरिंग की, जिसमें 10 लोग घायल हो गए। बाद में फिर से हुई झड़प में दो प्रदर्शनकारियों को गोली लगने की खबर है।
बढ़ते राजनीतिक संकट के बीच शाम 6 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक के बाद पीएम ओली इस्तीफा देने का ऐलान कर सकते हैं। उधर, प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ के आवास पर भी हमला किया।
सुबह ललितपुर जिले के सुनाकोठी इलाके में प्रदर्शनकारियों ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग के घर को आग लगा दी। इससे पहले उनके आवास पर पथराव किया गया था। इसी तरह, नेपाली कांग्रेस अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा, नेता रमेश लेखक, वित्त मंत्री विष्णु पौडेल और राज्यपाल विश्व पौडेल के घरों के बाहर भी विरोध-प्रदर्शन हुए। हालात को देखते हुए सरकार ने सभी राष्ट्रीय नेताओं के घरों की सुरक्षा बढ़ा दी है।