नई दिल्ली। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सुरक्षा में तैनात रहे एक गार्ड ने अमेरिका की ओर से किए गए सैन्य अभियान को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया है। गार्ड का कहना है कि 3 जनवरी को हुए अमेरिकी सेना के ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के दौरान उसने ऐसा मंजर देखा, जिसे वह कभी भूल नहीं पाएगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने इस गवाही से जुड़ी एक रिपोर्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की है।
गार्ड के मुताबिक, यह हमला पूरी तरह एकतरफा था। उसने कहा कि अमेरिकी सैनिक जिस रफ्तार से गोलियां चला रहे थे, वह किसी नरसंहार से कम नहीं था। उसके अनुसार, ऐसा लग रहा था मानो हर सैनिक एक मिनट में सैकड़ों राउंड फायर कर रहा हो। भारी संख्या में मौजूद होने के बावजूद वेनेजुएला के सुरक्षाकर्मियों के पास बचने या जवाब देने का कोई मौका नहीं था।
गार्ड ने यह भी दावा किया कि हमले में एक ऐसे हथियार का इस्तेमाल किया गया, जिसे उसने पहले कभी नहीं देखा था। उसके अनुसार, अचानक एक तेज ध्वनि तरंग जैसी चीज छोड़ी गई, जिससे सिर फटने जैसा अहसास हुआ। कई सुरक्षाकर्मियों की नाक से खून बहने लगा, कुछ को खून की उल्टियां होने लगीं और कई लोग वहीं जमीन पर गिर पड़े। हालत ऐसी थी कि कोई उठने की स्थिति में नहीं था।
उसने आगे बताया कि हमले के समय वेनेजुएला की रक्षा प्रणाली पूरी तरह विफल हो गई। किसी भी तरह का अलर्ट नहीं मिला और अचानक सभी रडार सिस्टम बंद हो गए। इसके बाद आसमान में बड़ी संख्या में ड्रोन दिखाई दिए और करीब आठ हेलीकॉप्टर उतरे, जिनसे बेहद कम संख्या में अमेरिकी सैनिक बाहर आए—संभवतः केवल 20 के आसपास। गार्ड का दावा है कि तकनीक के मामले में वे सैनिक बेहद उन्नत थे। इस कार्रवाई में अमेरिकी पक्ष को कोई नुकसान नहीं हुआ, जबकि वेनेजुएला के करीब 100 सुरक्षाकर्मी मारे गए।
अपने बयान के अंत में गार्ड ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो लोग अमेरिका से टकराने की सोचते हैं, उन्हें अंदाजा नहीं है कि उसकी सैन्य ताकत क्या कर सकती है। उसने कहा कि जो कुछ उसने अपनी आंखों से देखा, उसके बाद वह कभी अमेरिका के खिलाफ खड़े होने की कल्पना भी नहीं कर सकता।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इसी ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सैनिकों ने राजधानी काराकास पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को हिरासत में लिया और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां अब उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई चल रही है।