दिल्ली के लक्ष्मीनगर से पकडे गए आतंकी मोहम्मद अशरफ के मकानमालिक ने बड़ा खुलासा किया है। उसने बताया कि वो दोनों करीब 6 महीने से संपर्क में नहीं थे। मकानमालिक का नाम उजैब सामने आया है। उसने बताया कि मोहम्मद अशरफ का आधार कार्ड उसके पिता ने बनवाया था। मंगलवार को इस आइएसआइ के आतंकी को गिरफ्तार किया गया था।
उजैब ने कहा कि ‘वो यहां 6 महीने ही रहा। मेरे पिता ने उसका आधार कार्ड डॉक्यूमेंटेशन के लिए बनवाया था। उसके जाने के बाद से हम लोग संपर्क में नहीं हैं। अगर ज़रूरत पड़ी, तो हम पुलिस का पूरा सहयोग करेंगे।’ बता दें कि मोहम्मद अशरफ का त्यौहार के समय भीड़-भाड़ वाली जगहों पर टिफ़िन बॉक्स में बम रख कर धमाके करने का प्लैन था। ये आतंकी भारत में कुल 15 साल से नकली पहचान बना कर रह रहा था।
Also Read-एनसीबी ने कोर्ट में दाखिल किया जवाब, कहा- आर्यन के पास से ड्रग्स नहीं मिली लेकिन साजिश में थे शामिल
जानकारी के मुताबिक अशरफ भारत आने वाले आतंकियों को हथियार और लोगिस्टिक सपोर्ट मुह्हैया कराने का काम करता था। वो स्लीपर सेल्स का मुखिया भी बताया गया है। अशरफ पाकिस्तान के पंजाब का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में हुए धमाकों में भी अशरफ का हाथ बताया जा रहा है।