नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं की एक बैठक के दौरान ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना ने महज साढ़े तीन दिनों के भीतर ईरान के 46 आधुनिक युद्धपोतों को समुद्र में डुबो दिया, जिसके बाद ईरान की नौसैनिक ताकत लगभग खत्म हो चुकी है। बैठक में ट्रंप ने बताया कि अब ईरान का अधिकांश नौसैनिक बेड़ा समुद्र की गहराई में दबा पड़ा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने बहुत कम समय में ईरान की समुद्री शक्ति को भारी नुकसान पहुंचाया है।
अधिकारी से हुई मजेदार बातचीत का जिक्र
अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने सेना के एक अधिकारी के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने अधिकारी से पूछा था कि इतने उन्नत जहाजों को डुबोने के बजाय कब्जे में लेकर अमेरिका क्यों नहीं इस्तेमाल कर सकता। इस पर अधिकारी ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया कि जहाजों को डुबोने में ज्यादा मजा आता है। ट्रंप ने कहा कि सेना के मुताबिक दुश्मन के जहाजों को डुबो देना ज्यादा सुरक्षित विकल्प भी माना जाता है। इस बात पर बैठक में मौजूद लोग हंस पड़े।
मिसाइल और ड्रोन क्षमता पर भी बड़ा हमला
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि युद्ध के दौरान अमेरिका ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उनके मुताबिक ईरान की मिसाइल ताकत अब लगभग 10 प्रतिशत ही बची है। उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका ने ईरान के भीतर 5,000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे उसकी सैन्य क्षमता तेजी से कमजोर हो रही है।
पिछले महीने शुरू हुआ संघर्ष
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव पिछले महीने उस समय बढ़ गया, जब अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त अभियान के तहत ईरान पर बड़े हमले किए। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत होने की खबर सामने आई। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और खाड़ी देशों—सऊदी अरब, बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं।इसी दौरान श्रीलंका के करीब समुद्र में ईरान का युद्धपोत IRIS डेना भी अमेरिकी हमले में डूब गया। बताया गया कि उस समय यह जहाज भारत की मित्रता यात्रा पर था और हमले में करीब 80 लोगों की मौत हो गई।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप की चेतावनी
ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने होर्मुज स्ट्रेट में तेल की आवाजाही रोकने की कोशिश की, तो अमेरिका उससे भी 20 गुना ज्यादा ताकत के साथ जवाब देगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में ईरान के लिए दोबारा एक मजबूत राष्ट्र के रूप में खड़ा होना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
इस बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर हमले जारी रहे, तो क्षेत्र से एक बूंद तेल भी बाहर नहीं जा सकेगा। प्रवक्ता का दावा है कि युद्ध कब और कैसे खत्म होगा, यह फैसला ईरान करेगा।
मौजूदा हालात में यह संघर्ष लगातार फैलता जा रहा है। इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जबकि दुनिया भर के शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।