नई दिल्ली। ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपनी सेना की कार्रवाई को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि युद्ध के मैदान में अमेरिका और उसके सहयोगी अब मजबूत स्थिति में हैं और अभियान उम्मीद से बेहतर चल रहा है।
व्हाइट हाउस में टेक कंपनियों के प्रमुखों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अगर इस अभियान को 10 में से नंबर देने हों तो वह अमेरिकी सेना को 15 नंबर देंगे। उनके मुताबिक अमेरिकी और सहयोगी सेनाएं युद्ध के मोर्चे पर तेजी से बढ़त बना रही हैं।
‘ईरान की लीडरशिप कमजोर पड़ रही’
ट्रंप ने कहा कि ईरान की सैन्य और नेतृत्व संरचना पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक ईरान की कमान तेजी से कमजोर होती जा रही है और जो भी नई नेतृत्व भूमिका में आता है, वह ज्यादा समय तक टिक नहीं पा रहा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष पांचवें दिन में पहुंच चुका है। क्षेत्र में लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं, जहां अमेरिकी और इजरायली सेनाएं संयुक्त ऑपरेशन चला रही हैं।
मिसाइल ताकत खत्म करना मुख्य लक्ष्य
ट्रंप ने कहा कि इस सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता और सैन्य ढांचे को कमजोर करना है। उनका दावा है कि हमलों के बाद ईरान के मिसाइल भंडार को तेजी से नुकसान पहुंच रहा है।
इसी बीच पेंटागन के सूत्रों के हवाले से खबर है कि हिंद महासागर क्षेत्र में अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरान के एक युद्धपोत को निशाना बनाया। इस कार्रवाई को ईरान की समुद्री सैन्य क्षमता पर बड़ा झटका माना जा रहा है।
‘न्यूक्लियर खतरे को रोकना जरूरी’
ट्रंप ने यह भी दोहराया कि ईरान पर सैन्य कार्रवाई इसलिए जरूरी थी क्योंकि वह परमाणु हथियार कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा था। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे हथियार गलत हाथों में पहुंच जाएं तो पूरी दुनिया के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
‘ऑपरेशन जारी रहेगा’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि अमेरिका-इजरायल का संयुक्त एयर ऑपरेशन फिलहाल जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी रणनीति के मुताबिक आगे भी कार्रवाई करता रहेगा।
हालांकि युद्ध के बाद की रणनीति को लेकर अभी कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं आई है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt के अनुसार प्रशासन इस पर विचार कर रहा है कि संघर्ष खत्म होने के बाद ईरान में अमेरिका की भूमिका क्या होगी। फिलहाल मध्य-पूर्व की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है और आगे की सैन्य व कूटनीतिक गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।