बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने सोमवार को जद (S) विधायक एचडी रेवन्ना को 2024 में दर्ज हुए सेक्सुअल असॉल्ट मामले से बरी कर दिया। यह मामला पिछले साल सुर्खियों में रहा था, क्योंकि रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के बेटे और पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के पिता हैं। प्रज्वल इस समय रेप और सेक्स वीडियो मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
कोर्ट का फैसला
स्पेशल कोर्ट ऑफ पीपल्स रिप्रेजेंटेटिव्स ने सुनवाई के बाद कहा कि शिकायत दर्ज करने और केस में देरी हुई थी। इसी आधार पर कोर्ट ने IPC की धारा 354A (सेक्सुअल हैरेसमेंट) के तहत लगे आरोप हटा दिए। जज केएन शिवकुमार ने कहा कि मामले में देरी इतनी है कि इसे माफ नहीं किया जा सकता, इसलिए कोर्ट आरोपी के खिलाफ संज्ञान लेने से इनकार करता है।
हाई कोर्ट ने पहले ही एक आरोप हटाया था
इससे पहले हाई कोर्ट ने IPC की धारा 354 (सेक्सुअल असॉल्ट) के तहत लगे आरोप को रद्द कर दिया था। अब स्पेशल कोर्ट ने 354A के तहत लगे आरोप भी हटाकर रेवन्ना को इस मामले में पूरी तरह बरी कर दिया है।
मामला क्या था?
शिकायत करने वाली महिला ने आरोप लगाया था कि वह 2019 से 2022 तक होलेनरसीपुर के एक गर्ल्स हॉस्टल में किचन असिस्टेंट के तौर पर काम कर रही थी। उसने दावा किया कि इस दौरान उसे रेवन्ना के घर के कामों के लिए भी इस्तेमाल किया गया। महिला ने कहा कि 2020 में रेवन्ना ने उसे तब परेशान किया जब घर पर कोई नहीं था। साथ ही उसके बेटे प्रज्वल पर भी यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया।
केस कैसे दर्ज हुआ?
अप्रैल 2024 में होलेनरसीपुर टाउन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज होने के बाद FIR दर्ज की गई थी। बाद में केस CID की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को सौंपा गया। SIT ने लगभग 2,144 पेज की चार्जशीट कोर्ट में पेश की, जिसमें महिला का बयान, 150 से ज्यादा गवाहों के बयान और अन्य सबूत शामिल थे। इस मामले में दूसरा आरोपी प्रज्वल रेवन्ना है, जिसके खिलाफ रेप, सेक्सुअल असॉल्ट और सेक्सुअल हैरेसमेंट समेत कई गंभीर धाराएं दर्ज हैं। उनका ट्रायल अभी भी कोर्ट में चल रहा है।