विधानसभा में बीते दिन अनोखे अंदाज़ में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। यहां कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा में ही रात बिताई और ज़ोरदार हंगामा किया। इनमें एलओपी सिद्धारमैया और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार सहित पार्टी के कई विधायक शामिल रहे। सभी विधायक राज्य के ग्रामीण विकास व पंचायत राज मंत्री के. एस. ईश्वरप्पा को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही उनके तिरंगे को लेकर दिए गए बयान पर उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।
इससे पहले, विधानसभा के बाहर पत्रकारों को संबोधित करते हुए, सिद्धारमैया ने भाजपा और संघ परिवार पर राष्ट्रीय ध्वज का अनादर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस मुद्दे को तार्किक अंत तक ले जाने के लिए रातभर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। ईश्वरप्पा ने हाल में दावा किया था कि ‘भगवा ध्वज’ भविष्य में राष्ट्रीय ध्वज बन सकता है और इसे लाल किले की प्राचीर पर फहराया जा सकता है। हालांकि उन्होंने कहा था कि तिरंगा अब राष्ट्रीय ध्वज है, और इसका सभी को सम्मान करना चाहिए।
हालांकि, ईश्वरप्पा ने कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगे। ईश्वरप्पा ने कहा कि उनके किसी भी कारण से इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं उठता और वह एक देशभक्त हैं जो आपातकाल के दौरान जेल गए थे। उन्होंने कहा, ”उन्हें विरोध करने दें, मैं नहीं हटूंगा।” उन्होंने कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के प्रमुख डी. के. शिवकुमार से इस्तीफा देने की मांग की और उन पर और उनकी पार्टी पर विरोध प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय ध्वज का ‘दुरुपयोग’ करने का आरोप लगाया।