दिल्ली से सटे गुरुग्राम में सेक्टर-54 स्थित एक पॉश सोसाइटी में रहने वाले कारोबारी को हनीट्रैप के जाल में फंसाकर पांच साल के भीतर 6 करोड़ 30 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। मामला सुनकर आप सोचेंगे, ऐसा भी होता है क्या? पुलिस के अनुसार, साल 2020 में फेसबुक पर प्रियंका संगमा उर्फ किम नाम की महिला ने कारोबारी से दोस्ती की। उसने खुद को दुबई की एमिरेट्स एयरलाइंस की एयरहोस्टेस बताया और विश्वास जीतने के लिए विमान के अंदर की कई तस्वीरें साझा कीं। धीरे-धीरे बातचीत वॉट्सऐप तक पहुंच गई। ठगों ने कारोबारी की तस्वीरें भेजवाकर डीपफेक और मोर्फिंग तकनीक का इस्तेमाल किया और उन्हें अश्लील फोटो व चैट्स में बदलकर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी।
इस मानसिक प्रताड़ना के चलते कारोबारी को ब्रेन स्ट्रोक हुआ और वे पैरालिसिस के शिकार हो गए। गंभीर बीमारी के बावजूद ठगों ने रहम नहीं दिखाया और फर्जी अस्पताल बिल और झूठी कहानियों के जरिए लगातार मोटी रकम ऐंठते रहे। कारोबारी ने डर के मारे 2021 में 5 हजार रुपये भेजे थे, जो धीरे-धीरे करोड़ों में बदल गए।
वसूली का सिलसिला इस प्रकार चला:
2021 में पायलट ट्रेनिंग का बहाना बनाकर 32.38 लाख रुपये
2022 में पिता की मौत का बहाना बनाकर 47.15 लाख रुपये
2023 में कैंसर सर्जरी और बच्चे के इलाज के नाम पर 1.26 करोड़ रुपये
2024-25 में 4 करोड़ से ज्यादा की सबसे बड़ी वसूली
पीड़ित का आरोप है कि इस गिरोह में प्रियंका के पति, भाई और मां भी शामिल थे। डराने के लिए आरोपी ने खुद को शिलांग का एसडीएम बताया, जबकि प्रियंका के पति ने खुद को मेघालय के मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी बताकर धमकी दी। आरोपी बार-बार कारोबारी के ऑफिस और फेसबुक पेज पर अश्लील तस्वीरें चस्पा करने की धमकी देते रहे। पुलिस ने सेक्टर-53 थाने में प्रियंका संगमा और उसके गिरोह के चार अन्य सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार किया जाएगा।