नई दिल्ली। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को महाराष्ट्र के सोलापुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारत और पाकिस्तान के संवैधानिक ढांचे की तुलना करते हुए समान नागरिक अधिकारों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को बराबरी का अधिकार देता है, जबकि पाकिस्तान के संविधान में सर्वोच्च संवैधानिक पदों के लिए धार्मिक शर्तें तय की गई हैं।
ओवैसी ने अपने संबोधन में कहा कि पाकिस्तान के संविधान में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि प्रधानमंत्री केवल एक विशेष धर्म से संबंधित व्यक्ति ही बन सकता है। इसके विपरीत, भारत का संविधान, जिसे बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने तैयार किया, यह सुनिश्चित करता है कि देश का कोई भी नागरिक चाहे वह किसी भी धर्म या पृष्ठभूमि से हो प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बन सकता है। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बताया।
हिजाब पहनने वाली बेटी प्रधानमंत्री बने- ओवैसी
AIMIM प्रमुख ने कहा कि उनका सपना है कि भविष्य में एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बने। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सपना किसी एक व्यक्ति की सोच नहीं, बल्कि उस संवैधानिक भावना का प्रतीक है, जो सभी नागरिकों को समान अवसर प्रदान करती है। ओवैसी ने कहा कि भारतीय संविधान धर्म, जाति या पहनावे के आधार पर किसी भी तरह के भेदभाव को स्वीकार नहीं करता।
अपने भाषण में ओवैसी ने युवाओं और अल्पसंख्यक समुदायों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा और राजनीतिक जागरूकता के जरिए ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने देश की विविधता को उसकी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि इसे कमजोर करने के बजाय और मजबूत किया जाना चाहिए। ओवैसी ने यह भी जोर दिया कि संविधान से मिले अधिकारों की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
भाजपा की कड़ी प्रतिक्रिया
ओवैसी के बयान के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है और यहां हिजाब या बुर्का पहनने वाली महिलाएं न तो प्रधानमंत्री बनेंगी और न ही मुंबई की मेयर। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे सपने देखने वालों को इस्लामिक देशों में जाना चाहिए।
AIMIM का जवाब
भाजपा मंत्री के बयान पर AIMIM की ओर से वारिस पठान ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भारत किसी व्यक्ति की सोच से नहीं, बल्कि संविधान के अनुसार चलता है। पठान ने कहा कि संविधान के तहत कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, राज्यपाल या मेयर बन सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओवैसी के बयान में कुछ भी असंवैधानिक नहीं है और AIMIM किसी भी दबाव या धमकी से डरने वाली नहीं है।