नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट 2026 के चौथे दिन दुनियाभर के दिग्गजों का जमावड़ा देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई समेत कई वैश्विक हस्तियों ने समिट में शिरकत की। इस दौरान सुंदर पिचाई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि गूगल अगले पांच वर्षों में भारत में 1,36,650 करोड़ रुपये यानी करीब 15 अरब डॉलर का निवेश करेगा।
भारत में बदलाव की रफ्तार चौंकाने वाली
अपने संबोधन में सुंदर पिचाई ने कहा कि भारत लौटना हमेशा खास अनुभव होता है। हर बार यहां आकर देश में हो रहे तेज बदलाव को देखकर हैरान रह जाता हूं। उन्होंने कहा कि आज का भारत तकनीकी क्रांति के दौर से गुजर रहा है और AI इसमें अहम भूमिका निभाने वाला है। पुरानी यादों को साझा करते हुए पिचाई ने बताया कि छात्र जीवन में वह चेन्नई से IIT खड़गपुर तक कोरोमंडल एक्सप्रेस से सफर करते थे। उस दौरान विशाखापत्तनम एक शांत तटीय शहर था, लेकिन आज वही शहर तकनीकी निवेश का बड़ा केंद्र बन रहा है।
विशाखापत्तनम में बनेगा फुल-स्टैक AI हब
पिचाई ने बताया कि गूगल विशाखापत्तनम में फुल-स्टैक AI हब स्थापित कर रहा है। यह हब भारत में प्रस्तावित 15 अरब डॉलर के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का हिस्सा होगा। इसके पूरा होने पर यहां गीगावाट-स्केल कंप्यूट क्षमता और एक नया इंटरनेशनल सबसी केबल गेटवे तैयार होगा। इससे देशभर में लोगों और कारोबारों को अत्याधुनिक AI सेवाएं और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। गूगल ने भारत सरकार के साथ मिलकर 10 हजार स्कूलों में जनरेटिव AI टूल्स पहुंचाने और कौशल विकास कार्यक्रमों को तेज करने का भी ऐलान किया। इसका उद्देश्य छात्रों को भविष्य की तकनीक से जोड़ना और उन्हें नई पीढ़ी के रोजगार के लिए तैयार करना है।
क्या AI खा जाएगा नौकरी, पिचाई ने दिया जवाब
AI के कारण नौकरियों पर खतरे के सवाल पर सुंदर पिचाई ने साफ कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काम करने के तरीके को जरूर बदलेगा, लेकिन यह बदलाव अवसर भी लेकर आएगा। कई पारंपरिक प्रक्रियाएं ऑटोमेट होंगी, जिससे भूमिकाओं का स्वरूप बदलेगा, मगर साथ ही नए तरह के कौशल और करियर के अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दो दशक पहले डिजिटल कंटेंट क्रिएटर जैसा पेशा लगभग नहीं था, लेकिन आज लाखों युवा इससे अपनी आजीविका कमा रहे हैं। ठीक इसी तरह AI भी ऐसे नए क्षेत्रों को जन्म देगा, जिनकी आज हम कल्पना नहीं कर सकते।
डिजिटल असमानता पर भी जताई चिंता
पिचाई ने चेताया कि दुनिया पहले ही डिजिटल असमानता से जूझ रही है। ऐसे में जरूरी है कि AI तक समान पहुंच सुनिश्चित की जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो तकनीक की अगली लहर सामाजिक खाई को और गहरा कर सकती है। भारत मंडपम में आयोजित इस समिट ने साफ कर दिया है कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक AI इकोसिस्टम का एक बड़ा केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।