केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने असम विधानसभा चुनाव के मद्देनजर गुवाहाटी में बीजेपी का ‘संकल्प पत्र’ जारी किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में विकास, जन कल्याण, युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और असमिया पहचान व मूल निवासियों की सुरक्षा को प्रमुख मुद्दों के तौर पर शामिल किया है।
इस दौरान निर्मला सीतारमण ने कहा कि बीजेपी का संकल्प पत्र राज्य में बीते एक दशक के बदलाव पर आधारित है, जो कांग्रेस अपने लंबे शासनकाल में नहीं कर पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने नॉर्थ-ईस्ट के विकास की अनदेखी की, जिसके कारण असम लंबे समय तक AFSPA के साए में रहा। उन्होंने कहा कि बीजेपी शासन में शांति और स्थिरता आई है, जिससे युवाओं के लिए अवसर बढ़े हैं और वे अब अपने राज्य लौट रहे हैं।
असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को एक चरण में मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। राज्य में मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। बीजेपी के संकल्प पत्र में ‘नए असम’ के निर्माण का वादा करते हुए कई बड़े ऐलान किए गए हैं। पार्टी ने मूल निवासियों की जमीन, विरासत और सम्मान की रक्षा का भरोसा दिया है। साथ ही ‘भूमि जिहाद’ से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही गई है।
घोषणापत्र में असम को भारत के पूर्वी प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने के लिए 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया गया है। इसके अलावा 31 प्रमुख वादों में अतिक्रमित जमीन वापस लेने, समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने, राज्य के समग्र विकास और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य में UCC लागू किया जाएगा, हालांकि छठी अनुसूची और अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों को इसमें छूट दी जाएगी। उन्होंने ‘लव जिहाद’ के खिलाफ सख्त कदम उठाने और असम को बाढ़ मुक्त बनाने का भी संकल्प दोहराया। इसके लिए पहले दो वर्षों में 18,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। इसके अलावा, राज्य में ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’ और ‘एक यूनिवर्सिटी, एक इंजीनियरिंग कॉलेज’ स्थापित करने का लक्ष्य भी रखा गया है।