लखनऊ। आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता वंशराज दुबे ने मंगलवार को प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश का आयुष विभाग अब विज्ञान से नहीं बल्कि विभूतियों और जादू-टोने से चल रहा है।
उन्होंने कहा कि आयुष विभाग के 153 से अधिक केंद्रों में बिजली तक उपलब्ध नहीं है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जापान के दौरे पर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास मॉडल का गुणगान कर रहे हैं। यह खुलासा किसी राजनीतिक दल का नहीं बल्कि केंद्र सरकार की एजेंसी कैग की रिपोर्ट में हुआ है, जो अप्रैल 2018 से मार्च 2023 तक की है और जिसमें 2025 तक का डाटा शामिल किया गया है।
वंशराज दुबे ने कहा कि 2017 में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दूसरा कार्यकाल चल रहा है, लेकिन आयुष विभाग की दुर्दशा बताती है कि सरकार ने ढाई हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट खर्च ही नहीं किया। परिणाम यह है कि 153 से ज्यादा केंद्रों में बिजली नहीं है, मशीनें धूल खा रही हैं और अस्पताल अंधेरे में चल रहे हैं, जबकि भाजपा के नेता मंचों से बड़ी-बड़ी घोषणाएं करते नहीं थकते।
उन्होंने कहा कि कैग रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में आठ आयुर्वेदिक, नौ होम्योपैथिक और दो यूनानी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। इसके अलावा लगभग 2110 आयुर्वेदिक अस्पताल, 1585 होम्योपैथिक अस्पताल और 240 यूनानी औषधालय हैं।
इतना विशाल ढांचा होने के बावजूद सुविधाओं के नाम पर शून्य स्थिति है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनानी के अंतर्गत 1728 करोड़ रुपये और होम्योपैथिक के अंतर्गत 615 करोड़ रुपये का बजट खर्च न कर वापस कर दिया गया, जो मिलाकर लगभग ढाई हजार करोड़ रुपये होता है।
वंशराज दुबे ने कहा कि भाजपा डिजिटल इंडिया की बात करती है, बायोमेट्रिक से डॉक्टर की एंट्री की बात करती है, लेकिन अस्पतालों में बिजली ही नहीं है। बड़ी-बड़ी मशीनें पड़ी हैं पर चालू नहीं हो पा रहीं। क्या यही हकीकत मुख्यमंत्री जापान की कंपनियों को दिखाने गए हैं?
उन्होंने मुख्यमंत्री के निवेश दावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि 2018 में साढ़े चार लाख करोड़ रुपये के निवेश का दावा किया गया, 2023 में 33 लाख करोड़ रुपये का निवेश बताया गया।
2026 में 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 93 लाख नौजवानों को नौकरी देने की बात कही गई, लेकिन जमीन पर सच्चाई शून्य है। रोजगार मेलों में स्विग्गी, जोमैटो, रैपिडो, ओला, उबर जैसी कंपनियों को बुलाकर युवाओं को ठेका आधारित काम देकर रोजगार का ढिंढोरा पीटा जाता है, जबकि प्रदेश का नौजवान नौकरी के लिए इसराइल तक जा रहा है।
एसआईआर के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए वंशराज दुबे ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रशासन वोट कटवाने में जुटा है। लगभग 2 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस तक नहीं मिला, जबकि उनका नाम सूची से काट दिया गया है और 48 दिन बीत चुके हैं। सरकार के पास स्याही नहीं है नोटिस छापने के लिए, लेकिन विज्ञापनों के लिए भरपूर बजट है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के 75 जनपदों में भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में वोट कटवाने में लगे हैं, जबकि वोटर को इसकी सूचना देने वाले नोटिस प्रिंट ही नहीं हो पा रहे। चुनाव आयोग की भूमिका पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा लगता है मानो आयोग निद्रासन में चला गया है और प्रदेश के मतदाताओं का भविष्य अंधकार में है।
वंशराज दुबे ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनारस को क्योटो बनाने का वादा किया था, आज मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को जापान बनाने की बात कर रहे हैं। जापान में 500 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेन देखने वाले मुख्यमंत्री को प्रदेश की टूटी सड़कों पर 40 किलोमीटर की रफ्तार से भी मोटरसाइकिल न चला पाने की हकीकत नहीं दिखती। उन्होंने कहा कि हाल ही में सुल्तानपुर में एक सड़क को प्रतीकात्मक रूप से ग्लूकोज चढ़ाना पड़ा क्योंकि वह मरणासन्न स्थिति में थी।
उन्होंने अमेठी के जगदीशपुर ट्रामा सेंटर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां मरीजों को बाहर से दवाइयां मंगानी पड़ रही हैं।
जब पार्टी के जिला उपाध्यक्ष राकेश सिंह ने इस सच्चाई को उजागर किया तो ट्रामा सेंटर के अधीक्षक भड़क गए और अनर्गल आरोप लगाने लगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अधिकारियों की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और व्यवस्थाओं में ढील देने वालों पर नकेल कसी जाएगी।