पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को गन्ना किसानों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 416 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया, जो पिछले मूल्य से 15 रुपये अधिक है। इस वृद्धि के बाद प्रति किलो लगभग 15 पैसे की बढ़ोतरी हुई। इस कदम के साथ पंजाब अब देश में सबसे ऊंचा गन्ना मूल्य देने वाला राज्य बन गया, जो किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने एक आधुनिक चीनी मिल और सह-उत्पादन संयंत्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि राज्य हमेशा गन्ना किसानों के हित में अग्रणी रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करती है कि किसानों को उनके फसल का उचित मूल्य मिले और यह परंपरा भविष्य में भी जारी रहेगी।
किसानों के लिए आर्थिक लाभ
मान ने बताया कि यह निर्णय विशेष रूप से सीमावर्ती जिलों के किसानों के लिए लाभकारी होगा, जहाँ गन्ना प्रमुख फसल है। बढ़ी हुई कीमत से किसानों की आय में वृद्धि होगी और वे खेती संबंधी खर्चों को बेहतर तरीके से प्रबंधित कर पाएंगे। उनका कहना था कि यह कदम कृषि क्षेत्र को मजबूत करेगा और किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में मदद करेगा।
नई बिजली सह-उत्पादन इकाई का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने 28.5 मेगावाट क्षमता वाली नई बिजली सह-उत्पादन इकाई का भी उद्घाटन किया। इस संयंत्र से राज्य की बिजली उपयोगिता को 20 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलेगी। अनुमान है कि इससे प्रत्येक पेराई सत्र के दौरान लगभग 20 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व आएगा, जिससे चीनी मिल की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
किसानों की संख्या में बढ़ोतरी का अनुमान
मान ने बताया कि नई मिल और विस्तारित उत्पादन क्षमता से गन्ना किसानों को व्यापक लाभ मिलेगा। वर्तमान में मिल को 2,850 किसान गन्ना सप्लाई कर रहे हैं, जो आने वाले समय में बढ़कर 7,025 तक पहुंचने की संभावना है। इससे रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।