दिल्ली से देहरादून के बीच सफर को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने वाला 210 किलोमीटर लंबा दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर लगभग बनकर तैयार हो चुका है। फरवरी के पहले सप्ताह के बाद इसे किसी भी दिन आम लोगों के लिए खोला जा सकता है। इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी करीब ढाई घंटे में तय की जा सकेगी।
यह परियोजना सिर्फ एक सड़क निर्माण नहीं, बल्कि उत्तर भारत की कनेक्टिविटी को नया आकार देने वाला बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बदलाव मानी जा रही है। एक्सेस-कंट्रोल हाईवे के रूप में तैयार इस कॉरिडोर में तेज रफ्तार यात्रा, बेहतर राइड क्वालिटी, सुरक्षित अंडरपास, इंटरचेंज, आधुनिक टोल प्लाजा और पिट स्टॉप जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसी वजह से इसे अक्सर ‘एक्सप्रेसवे’ कहा जा रहा है, हालांकि तकनीकी रूप से यह एक एक्सेस-कंट्रोल हाईवे है।
कॉरिडोर की शुरुआत दिल्ली के अक्षरधाम इलाके से होती है, हालांकि निर्बाध और आरामदायक सफर का अनुभव गाजियाबाद के लोनी के बाद शुरू होता है। शुरुआती हिस्से में फिलहाल ट्रैफिक प्रबंधन की चुनौतियां बनी हुई हैं। अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन के पास पहले से मौजूद ट्रैफिक दबाव के कारण यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। कुछ स्थानों पर अभी भी फिनिशिंग का काम जारी है, जैसे शोल्डर निर्माण, स्ट्रक्चर की मजबूती और डिजाइन में जरूरी बदलाव। मजदूर दिन-रात काम कर रहे हैं ताकि तय समयसीमा में परियोजना पूरी की जा सके।
किसानों की मांगों के चलते बदला गया डिजाइन
इस कॉरिडोर का दूसरा चरण सबसे अधिक चर्चा में रहा है। करीब 13,000 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना में सरकार ने स्थानीय किसानों की मांगों के अनुसार कई डिजाइन बदलाव किए हैं। मुजफ्फरनगर के करौंदा महाजन क्षेत्र में गन्ना किसानों की मांग पर अंडरपास की ऊंचाई एक मीटर बढ़ाकर 5.5 मीटर की गई, ताकि ओवरलोडेड ट्रैक्टर आसानी से निकल सकें।
सहारनपुर के बादगांव में स्थानीय विरोध के चलते एक अतिरिक्त इंटरचेंज बनाया गया। वहीं मुजफ्फरनगर के बिराल क्षेत्र में सिंचाई परियोजना के कारण एक पुल के निर्माण में देरी हुई, जो अब लगभग पूरी हो चुकी है। इसके अलावा पावर ग्रिड कॉरपोरेशन की हाई-टेंशन लाइनों को हटाने में भी समय लगा।
सरकार ने कई स्थानों पर अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण कर स्थानीय लोगों को परियोजना से जोड़ने की कोशिश की है, ताकि भविष्य में विवाद से बचा जा सके और कॉरिडोर का संचालन सुचारु रूप से किया जा सके।