नई दिल्ली। विनय कुमार सक्सेना ने दिल्ली के उपराज्यपाल पद की शपथ ले ली है। वे दिल्ली के 22वें उपराज्यपाल हैं, दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने उन्हें शपथ दिलाई।
शपथ के तुरंत बाद विनय सक्सेना ने बड़े संकेत भी दे दिए। उन्होंने कहा कि मैं उपराज्यपाल के तौर पर जनता के लिए काम करूंगा। राजनिवास में कम दिल्ली की सड़कों पर ज्यादा नज़र आऊंगा।
उनके इस बयान से कयास लग रहे हैं कि भविष्य में जनता के मुद्दों पर उनका और दिल्ली की केजरीवाल सरकार का टकराव हो सकता है। बता दें कि इससे पहले अनिल बैजल, नजीब जंग से भी केजरीवाल सरकार का टकराव देखने को मिला था।
गुजरात में लंबे समय तक कार्यरत रहे विनय सक्सेना ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या है और मैं उसे समाप्त करने के लिए काम करूंगा।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में एक बड़ा तबका गरीबों का है, जो असंगठित क्षेत्र में काम करता है, मैं उन लोगों के लिए काम करूंगा। उन्होंने साफ किया कि मैं दिल्ली सरकार के साथ मिलकर काम करूंगा।
विनय सक्सेना ने कहा कि मेरा सपना दिल्ली को सिटी ऑफ जॉय और सिटी ऑफ फ्लावर्स बनाने का है। इस दौरान विनय सक्सेना ने कुछ साल पहले उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कुछ समय से दंगे फसाद हुए है। मैं हिन्दू मुस्लिम भाईचारे पर दिल्ली सरकार के साथ मिलकर काम करूंगा।
शपथ समारोह में मौजूद थे केजरीवाल और गिरिराज सिंह
विनय सक्सेना के शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केंद्र सरकार में मंत्री गिरिराज सिंह, दिल्ली सरकार के कई मंत्री, उच्च न्यायालय के कई न्यायाधीश, शीर्ष नौकरशाहों के अलावा दिल्ली के कई सांसद और विधायक भी मौजूद रहे।
बता दें कि खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष का पद संभालने वाले 64 वर्षीय विनय कुमार सक्सेना को 23 मई को दिल्ली के नए एलजी के रूप में नियुक्त किया गया था।
इससे पहले अनिल बैजल ने ‘व्यक्तिगत कारणों’ का हवाला देते हुए बीते 18 मई को उपराज्यपाल के पद से इस्तीफा दे दिया था। सक्सेना कानपुर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं। उनके पास पायलट लाइसेंस भी है।