नई दिल्ली। उर्दू के मशहूर शायर फहमी बदायूंनी का रविवार को इंतकाल हो गया। वह 72 साल के थे। फहमी बदायूंनी उर्दू साहित्य के विद्यार्थियों के साथ-साथ सोशल मीडिया के लोगों के बीच भी काफी मशहूर थे। फहमी बदायूंनी की शायरी नई नस्ल के शायरों के लिए जमीन तैयार करने वाली शायरी थी। उनके निधन के बाद उनके चाहने वाले तमाम लोगों ने शोक व्यक्त किया है।
उनकी शायरी की खासियत यह थी कि आम बोलचाल की भाषा में गहरी बातें कहने का उनका अंदाज हर किसी को आकर्षित करता था. उनके निधन पर कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने एक्स पर दुख जताते हुए लिखा, अलविदा फहमी बदायूंनी साहब, आपका जाना उर्दू अदब का बड़ा नुकसान है.
फहमी बदायूंनी की शायरी युवा और बुजुर्ग दोनों पीढ़ियों को बहुत पसंद है। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर भी उनकी शायरी वायरल हो रहती है। उनके कई शेर आज भी लोगों के बीच चर्चा में बने हुए है जो लोग सुनना पसंद करते हैं। उनकी सादगी से भरी शायरी ने नई पीढ़ी को भी साहित्य से जोड़ा है और समाज में अपनी खास पहचान बनाई है। उनकी लेखनी ने उर्दू साहित्य को नया मोड़ दिया है। फहमी साहब अपने पीछे दो बेटे जावेद और नावेद और अपनी पत्नी को छोड़ गए हैं।