हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम में सुनियोजित तरीके से नए सेक्टर विकसित करने की बड़ी योजना बनाई है। इसके तहत 36 राजस्व गांवों से करीब 17,358 एकड़ जमीन खरीदने का निर्णय लिया गया है। उद्देश्य है कि बेहतर सड़क नेटवर्क, आधुनिक यूटिलिटीज, सार्वजनिक सुविधाएं और ग्रीन बफर जोन के साथ व्यवस्थित रिहायशी और व्यावसायिक सेक्टर विकसित किए जाएं। सरकार ने राज्य के 69 शहरों में कुल 1.7 लाख एकड़ भूमि विकसित करने का लक्ष्य रखा है। आने वाले वर्षों में नए रिहायशी सेक्टर, व्यावसायिक जिले और संस्थागत क्षेत्र तैयार किए जाएंगे। पहले चरण में 13 शहरों में लगभग 40,000 एकड़ भूमि सीधे समझौते के आधार पर खरीदी जाएगी, जिसमें गुरुग्राम को प्राथमिकता दी गई है।
ऑनलाइन होगी जमीन खरीद प्रक्रिया
भूमि खरीद की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। इसके लिए सरकार ने ई-भूमि पोर्टल (ehboomi.jamabandi.nic.in) को अधिकृत माध्यम बनाया है। अधिसूचित गांवों के भूमि मालिक इस पोर्टल पर अपनी जमीन का विवरण दर्ज कर सकते हैं, जिसके बाद सत्यापन और आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह पारंपरिक भूमि अधिग्रहण नहीं है, बल्कि भूमि मालिकों के साथ आपसी सहमति से समझौते के जरिए खरीद की जाएगी। शुरुआत में 13 शहरों में लगभग 40,000 एकड़ भूमि के प्रोक्योरमेंट की योजना है, जिसमें गुरुग्राम केंद्र में रहेगा।
जिन गांवों को किया गया शामिल
इस योजना में गुरुग्राम के खेड़की दौला, कादीपुर, सीही, हरसुरू, बसई, गाडोली, गाडोली कला, गाडोली खुर्द, बेहरामपुर, उल्लावास, कादरपुर, बादशाहपुर, टिकली, पलरा, खरकी, नौरंगपुर, मेदावास, सिकंदरपुर बड़ा, लखनौला, हयातपुर, नवादा, फतेहपुर, वजीरपुर, कांकरोला, मेवका, धनकोट, खेड़की, माजरा, दौलताबाद, धनवापुर, मोहम्मदपुर हेड़ी, टीकमपुर, बाबूपुर, पवाला, खुशरूपुर और दोरका गांव शामिल हैं।
भूमि मालिकों के लिए निर्देश
अधिकारियों के अनुसार, सरकार ने एक सटीक प्रोक्योरमेंट मैप तैयार किया है, जिससे भूमि मालिक यह देख सकेंगे कि उनकी जमीन अधिसूचित क्षेत्र में आती है या नहीं। यदि यह योजना सफल रहती है, तो गुरुग्राम में विकास का दायरा अब तक के मुकाबले कहीं अधिक व्यापक होगा। अब तक हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा गुरुग्राम में 52 सेक्टर विकसित किए जा चुके हैं, जिनमें 44 रिहायशी, 6 औद्योगिक और 2 संस्थागत सेक्टर शामिल हैं। कुल 49,950 प्लॉट विकसित कर बेचे जा चुके हैं। नई योजना के तहत शहर के विस्तार और बुनियादी ढांचे को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।