मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में आयोजित बजट-पूर्व संवाद कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक, किसान, श्रमिक, युवा और वैचारिक संगठनों के प्रतिनिधियों से सीधी बातचीत की। इस अवसर पर भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, स्वदेशी जागरण मंच, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विद्या भारती, अधिवक्ता परिषद, विश्व हिंदू परिषद, क्रीड़ा भारती सहित कई प्रमुख संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा बजट तैयार करना है जो हरियाणा के समग्र, संतुलित और दीर्घकालिक विकास को मजबूती दे। इसके लिए आम नागरिकों की भागीदारी को केंद्र में रखा गया है और समाज के हर वर्ग से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राप्त सुझावों पर अधिकारी और विषय विशेषज्ञ गंभीरता से विचार करेंगे, ताकि जनहित को प्राथमिकता देते हुए बजट को अंतिम रूप दिया जा सके। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनके विचार और सुझाव भी सुने।
यह किसी एक सरकार का नहीं, प्रदेशवासियों का बजट: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि यह बजट न तो किसी एक सरकार का है और न ही किसी चुनावी एजेंडे से जुड़ा है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह प्रदेश के हर नागरिक की आकांक्षाओं का बजट होगा। उन्होंने बजट-पूर्व परामर्श प्रक्रिया को लोकतंत्र का सशक्त उदाहरण बताते हुए कहा कि किसानों, श्रमिकों, युवाओं, अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, खेल जगत और सामाजिक संगठनों से मिले सुझावों को सरकार गंभीरता से अपनाएगी।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जनसहभागिता से तैयार यह बजट हरियाणा को आत्मनिर्भर, सक्षम और विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ऐसा दूरदर्शी और संतुलित बजट प्रस्तुत करना चाहती है, जिसका असर केवल दस्तावेज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि आने वाले वर्षों में ज़मीनी स्तर पर भी स्पष्ट दिखाई दे।
बजट-पूर्व सुझावों पर हुआ अमल, एक्शन-टेकन रिपोर्ट साझा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव की ओएसडी हिना बिंदलिश ने बजट-पूर्व परामर्श से जुड़ी एक्शन-टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि पूर्व में मिले सुझावों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें पिछले बजटों में शामिल किया गया, जिनके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि बजट से पहले कुल 11 परामर्श बैठकें आयोजित की गई थीं, जिनमें विभिन्न हितधारकों से 73 अहम सुझाव प्राप्त हुए। इनमें से 32 सुझावों को बजट में शामिल किया गया। इन बैठकों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, उद्योग, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, शिक्षा, कौशल विकास, आबकारी विभाग और इनक्यूबेशन सेंटर जैसे क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव सरकार को प्राप्त हुए।