हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार आम जनता को अधिकतम लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश की पहली समग्र पोषण नीति तैयार करने जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में पहले से ही एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस), मध्याह्न भोजन योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) जैसी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन पहलों को और प्रभावी बनाने के लिए पोषण नीति तैयार की जा रही है, जिससे लोगों को आवश्यक पोषक तत्वों, कैलोरी की जरूरत और खाद्य सुदृढ़ीकरण मानकों के प्रति जागरूक किया जा सके।
उन्होंने कहा कि नीति को लागू करने से पहले राज्य में पोषण एवं खाद्य परीक्षण से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत कंडाघाट स्थित समग्र जांच प्रयोगशाला (सीटीएल) का उन्नयन किया जाएगा, साथ ही नई परीक्षण प्रयोगशालाएं भी स्थापित होंगी।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि पहले चरण में कांगड़ा जिले में नई खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी। आने वाले समय में प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी क्षेत्रीय स्तर पर ऐसी प्रयोगशालाएं खोली जाएंगी।
उन्होंने जानकारी दी कि राज्य मंत्रिमंडल ने हाल ही में कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन जिले के बद्दी में नई प्रयोगशालाएं स्थापित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री के अनुसार, कंडाघाट प्रयोगशाला के उन्नयन के लिए 8.50 करोड़ रुपये जबकि कांगड़ा में खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना के लिए 25 करोड़ रुपये की धनराशि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी।