मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पंजाब और हरियाणा को देश का अन्न भंडार बनाने में हिमाचल प्रदेश की नदियों की निर्णायक भूमिका रही है, क्योंकि इन्हीं नदियों से इन राज्यों की कृषि भूमि को सिंचाई मिलती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अब प्राकृतिक संसाधनों की किसी भी तरह की लूट को बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार ने प्रदेश के हितों से समझौता किया।
उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में राज्य को राजस्व घाटा अनुदान के रूप में 46,862 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि वर्तमान सरकार को अब तक केवल 18,903 करोड़ रुपये ही मिल पाए हैं। कुल केंद्रीय हस्तांतरण की बात करें तो पूर्व सरकार के दौरान यह राशि 1.16 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि मौजूदा सरकार को अभी तक 70,191 करोड़ रुपये ही मिले हैं। इसके अलावा, भाजपा शासनकाल में जीएसटी मुआवजे के तहत 12,861 करोड़ रुपये दिए गए थे, लेकिन वर्तमान सरकार के दौरान यह मुआवजा पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 15वें वित्त आयोग की अवधि में वर्ष 2020-21 और 2021-22 के कोविड काल के दौरान पूर्व सरकार को अतिरिक्त ऋण लेने की अनुमति दी गई थी। वहीं, पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के फैसले के कारण वर्तमान सरकार को 1,700 करोड़ रुपये के अतिरिक्त ऋण लेने की सुविधा से वंचित कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कड़े और साहसिक निर्णय लेना जरूरी है। इसी दिशा में राज्य सरकार ने वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल और कड़छम-वांगतू जलविद्युत परियोजना से जुड़े कानूनी मामलों में जीत हासिल की है। सरकार पड़ोसी राज्यों से बीबीएमबी का बकाया वसूलने के साथ-साथ चंबा जिले की बैरा सियूल और मंडी जिले की शानन जलविद्युत परियोजना को पंजाब सरकार से वापस लेने के लिए मजबूती से कानूनी लड़ाई लड़ रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने न्यूजीलैंड से सेब आयात पर लगने वाले शुल्क का मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा निवेश
परागपुर में पूर्ण राज्यत्व दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों पर विशेष ध्यान दे रही है। अस्पतालों में 15 से 20 साल पुरानी मशीनरी और उपकरणों को बदलने के लिए 3,000 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की गई है, जो स्वास्थ्य सेवाओं में एक ऐतिहासिक कदम है।