लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में आज ज्योतिर्विज्ञान विभाग के नवनिर्मित ‘आचार्य वराहमिहिर सभागार’ का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ। इस अवसर पर माननीया कुलपति महोदया ने सभागार का उद्घाटन करते हुए कहा कि आचार्य वराहमिहिर जैसे महान ज्योतिर्विद् के नाम पर स्थापित यह सभागार ज्योतिर्विज्ञान विषय के अध्ययन, शोध, अकादमिक संवाद और वैचारिक विमर्श का एक सशक्त केंद्र बनेगा।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए माननीया कुलपति महोदया ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि ज्योतिर्विज्ञान विभाग द्वारा इस शैक्षणिक सत्र से विभागीय टॉपर छात्र/छात्रा को “श्री चन्द्रमणि सिंह गोल्ड मेडल” प्रदान करने की परंपरा की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि यह विभाग विश्वविद्यालय का इकलौता स्व-वित्तपोषित विभाग होने के बावजूद शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इस सम्मान की शुरुआत कर रहा है। माननीया कुलपति महोदया ने इस पहल के लिए विभाग के समन्वयक डॉ. श्यामलेश तिवारी के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर ज्योतिर्विज्ञान विभाग के समन्वयक डॉ. श्यामलेश तिवारी ने अपने बयान में कहा कि आचार्य वराहमिहिर के नाम पर स्थापित यह सभागार और ‘श्री चन्द्रमणि सिंह गोल्ड मेडल’ दोनों ही विभाग के लिए प्रेरणा के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि गोल्ड मेडल की शुरुआत का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन, शोध और अनुशासन के लिए प्रेरित करना है। डॉ. तिवारी ने माननीया कुलपति महोदया एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग सीमित संसाधनों के बावजूद शैक्षणिक गुणवत्ता और भारतीय ज्ञान परंपरा के संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. अनिल पोरवाल ने माननीया कुलपति महोदया सहित सभी अतिथियों, प्राध्यापकगण, शोधार्थियों एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार प्रकट किया। इसके अतिरिक्त डॉ. बिपिन पांडेय ने भी कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर ज्योतिर्विज्ञान विभाग के शिक्षकगण डॉ. अनुज शुक्ला, डॉ. विष्णुकांत शुक्ला एवं डॉ. प्रवीण वाजपेयी भी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में मौजूद विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने ‘आचार्य वराहमिहिर सभागार’ के उद्घाटन और ‘श्री चन्द्रमणि सिंह गोल्ड मेडल’ की घोषणा को विभाग एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल बताया।