जोधपुर| राजस्थान के जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए SIT ने डीएनए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साध्वी प्रेम बाईसा के डीएनए सैंपल को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया है।
SIT के डायरेक्टर अजय शर्मा ने बताया कि जांच के तहत वेजाइनल स्वाब के सैंपल की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। FSL रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि स्वाब में ह्यूमन सीमन मौजूद है या नहीं। यदि सीमन की पुष्टि होती है, तो पुलिस डीएनए मिलान के जरिए आगे की जांच करेगी।
पिता के जैविक संबंध पर भी संदेह
पुलिस को शक है कि साध्वी प्रेम बाईसा के पिता जैविक पिता हैं या नहीं, इसी कारण डीएनए टेस्ट कराया गया है। वहीं, अगर विसरा जांच में जहर की पुष्टि नहीं होती है, तो पुलिस पिता और केयरटेकर सुरेश का पॉलीग्राफ टेस्ट भी करा सकती है।
जहर की जांच के लिए 35 सैंपल भेजे गए
जहर दिए जाने की आशंका को लेकर SIT ने 35 अलग-अलग सैंपल FSL भेजे हैं। इन सैंपलों में
खाने के बर्तन
आश्रम की मिट्टी
चादर, तौलिया, कंघा
डस्टबिन
इंजेक्शन की सिरिंज
दवाइयों की बोतलें
शामिल हैं। इन सभी की गहन जांच की जा रही है।
7 से 10 दिन में आ सकती है रिपोर्ट
FSL में विसरा जांच के तहत लीवर, फेफड़े, हृदय, आंत समेत कई अंगों के सैंपल लिए गए हैं। जांच से यह साफ होगा कि साध्वी को जहर दिया गया था या नहीं। मंगलवार शाम को सैंपल FSL पहुंचे, जिसके बाद जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रिपोर्ट आने में 7 से 10 दिन का समय लग सकता है।
अस्थमा की बीमारी की भी जांच
प्रेम बाईसा को अस्थमा था या नहीं, इसे लेकर भी जांच जारी है। इसके लिए उनकी पुरानी दवाओं के सैंपल भी चेक किए जा रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में SIT अब तक 10 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। टीम उस अस्पताल भी पहुंची है, जहां साध्वी प्रेम बाईसा को सबसे पहले भर्ती कराया गया था, ताकि इलाज और परिस्थितियों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके।