अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2,36,080 करोड़ रुपये का बजट विधानसभा में पेश किया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बजट पेश करते हुए कहा कि यह कई मायनों में ऐतिहासिक बजट है, क्योंकि इसे महिलाओं की शक्ति, उपलब्धियों और आकांक्षाओं को समर्पित दिन पर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य “बदलता पंजाब” के विजन को आगे बढ़ाना है। बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, उद्योग, कृषि, खेल और सामाजिक कल्याण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले एक वर्ष में पंजाब की अर्थव्यवस्था ने लचीलापन और संरचनात्मक स्थिरता दिखाई है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 28,91,487 करोड़ रुपये अनुमानित है। वहीं वित्त वर्ष 2026-27 में इसके 9,80,635 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जिसकी संभावित वृद्धि दर 10 प्रतिशत मानी जा रही है। उन्होंने बताया कि यह वृद्धि बेहतर कृषि उत्पादकता, बढ़ती सेवा गतिविधियों और मजबूत औद्योगिक गति के कारण संभव होगी।
वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल 12,60,437 करोड़ रुपये के बजट व्यय का प्रस्ताव रखा। प्रभावी राजस्व घाटा जीएसडीपी का 2.06 प्रतिशत और राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4.08 प्रतिशत अनुमानित है। उन्होंने कहा कि यह अनुमान जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन और आर्थिक विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
बजट भाषण में हरपाल सिंह चीमा ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में बुनियादी ढांचे के उन्नयन, आधारभूत शिक्षा को मजबूत करने और सरकारी स्कूलों में उत्कृष्टता केंद्र बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए शिक्षा क्षेत्र में 19,279 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है।
बजट में महिलाओं के लिए भी बड़ी घोषणा की गई है। सरकार ‘मुख्यमंत्री माताएं-बेटियां सत्कार योजना’ के तहत पंजाब की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देगी, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य के लगभग 20,000 सरकारी स्कूलों में बुनियादी और उन्नत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। आज 99 प्रतिशत स्कूलों में चारदीवारी है और 10,095 शौचालयों का निर्माण किया गया है। एक लाख से अधिक नए डेस्क खरीदे गए हैं ताकि कोई भी बच्चा फर्श पर न बैठे। इसके अलावा 8,286 सफाई कर्मचारी, 3,000 से अधिक सुरक्षा कर्मी और 1,798 कैंपस मैनेजर स्कूलों में नियुक्त किए गए हैं।
स्कूलों में बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए लगभग 6,200 नए कक्षाओं का निर्माण और 4,700 कक्षाओं का जीर्णोद्धार किया गया है। इस वर्ष स्कूलों के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए 690 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। साथ ही बड़े पैमाने पर सफेदी और सौंदर्यीकरण अभियान भी चलाया जाएगा।
सरकार ने नशे के खिलाफ अभियान को और मजबूत करने की भी घोषणा की है। सीमा क्षेत्रों में 5,000 होमगार्ड जवानों की तैनाती की जाएगी और ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी को रोकने के लिए अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके लिए 110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा राज्य में “ड्रग सेंसस” कराया जाएगा, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।
आपातकालीन सेवा 112 को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 758 चार पहिया और 916 दो पहिया आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन खरीदे जाएंगे। सरकार का लक्ष्य आपातकालीन कॉल पर प्रतिक्रिया समय को 30 मिनट से घटाकर करीब 8 मिनट करना है। इसके लिए 125 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मोहाली में आधुनिक डायल-112 मुख्यालय बनाने के लिए 53 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है।
युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए “खेडदा पंजाब, बदलदा पंजाब” पहल शुरू की जाएगी। इसके तहत गांवों में खेल मैदान बनाए जाएंगे और करीब 3,000 इंडोर जिम स्थापित किए जाएंगे। खेल विभाग के लिए 979 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ी घोषणा की गई है। राज्य के हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के लिए 778 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के लिए कुल 5,598 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
इसके अलावा ग्रामीण विकास के लिए 2,873 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शहरी बुनियादी सेवाओं के सुधार के लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और 347 ई-बसें खरीदी जाएंगी।
सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना भी जारी रखेगी, जिसके लिए 7,614 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति लाई जाएगी और इसके लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 14,524 करोड़ रुपये तथा सामाजिक न्याय और कल्याण योजनाओं के लिए 9,340 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।